हरियाणा की आधी से अधिक आबादी उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की चपेट में है। हाइपरटेशन की व्यापकता प्रदेश में 52.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। बनारस हिंदु विश्वविद्यालय (बीएचयू) के अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। इस रोग की व्यापकता के मामले में पंजाब और हिमाचल प्रदेश, हरियाणा से भी आगे हैं।
बीएचयू के प्रोफेसर और आईएमएस के निदेशक बीआर मित्तल ने बताया कि पहले बुजुर्गों को ही यह अपनी चपेट में लेता था, लेकिन अब हर आयु वर्ग को उच्च रक्तचाप अपना शिकार बना रहा है। संस्थान के विशेषज्ञों ने हरियाणा के 1251 घरों और 45 वर्ष से अधिक आयु के लगभग हजारों व्यक्तियों को अपने अध्ययन में शामिल किया।
अध्ययन के लिए राज्य को चार जोन में बांटा गया था। इसमें पाया गया कि राज्य की आधी आबादी इस रोग का शिकार है। साथ ही 40.3 प्रतिशत लोग प्री-हाइपरटेंशन की स्थिति में हैं। अगर इन्होंने अपनी जीवन शैली नहीं बदली या फिर डॉक्टरों के परामर्श अनुसार जीना शुरू नहीं किया तो ये भी उच्च रक्तचाप से पीड़ित हो सकते हैं।
प्रदेश की जनसंख्या के हिसाब से सैंपल साइज अध्ययन में शामिल किया गया। इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसिज (आईएमएस) के डिपार्टमेंट ऑफ कम्युनिटी मेडिसन, बीएचयू और ग्रिड काउंसिल ने एक साथ मिलकर पूरे देश में उच्च रक्तचाप पर अध्ययन किया है।
डॉक्टर मित्तल ने कहा कि उच्च रक्तचाप के कारण ही हरियाणा के लोगों में भी दिल के दौरे, स्ट्रोक और गुर्दे की बीमारी बढ़ रही है। समय पर उच्च रक्तचाप का पता न चलने से बड़े स्तर पर लोग उचित उपचार के बिना ही जीवन गुजार रहे हैं। पंजाब में उच्च रक्तचाप की व्यापकता साठ प्रतिशत व हिमाचल प्रदेश में 54.1 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी यह रिपोर्ट सौंपी गई है।
अब उच्च रक्तचाप की कोई उम्र सीमा नहीं : सान्याल
बीएचयू की अध्ययन टीम का हिस्सा रही आशिम सान्याल ने कहा कि उच्च रक्तचाप एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन गया है। जिसमें कोई उम्र सीमा नहीं रही है। इससे बचने के लिए लोगों को नमक, चीनी और वसा से भरपूर खाद्य पदार्थों के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में पता होना चाहिए। इसकी व्यापकता कम करने के लिए पीएचसी स्तर पर दीर्घकालिक स्वास्थ्य जांच और स्वास्थ्य निगरानी योजनाओं को शुरू करना होगा। यह अब सिर्फ शहरी रोग नहीं रह गया। ग्रामीण लोग भी इससे पीड़ित हैं।
उच्च रक्तचाप के कारण
खराब जीवन शैली, अल्कोहल का अत्याधिक सेवन, तंबाकू व्यसन, सेडेंट्री लाइफ स्टाइल, सहरुग्ण्ता व अनुवांशिकी।