पंजाब में दीपावली के दौरान खराब होने वाले वायु गुणवत्ता सूचकांक के कारण सरकार ने इस बार सिर्फ ग्रीन पटाखों को चलाने की ही अनुमति दी थी। तीन जिलों जालंधर और मंडी गोबिंदगढ़ में 28-29 अक्तूबर की रात्रि से 31 दिसंबर तक किसी भी तरह के पटाखे चलाने की अनुमति नहीं थी। सरकार ने दीपावली के अलावा ये आदेश गुरु पर्व, क्रिसमस और नव वर्ष के लिए भी जारी किए हैं।
बढ़े पराली जलाने के मामले
पंजाब में बढ़ते प्रदूषण में खेतों में जलने वाली पराली का धुआं भी अहम माना जा रहा है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार अब तक पंजाब में 32734 स्थानों पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। पिछले पांच दिनों में आग की औसत घटनाओं में तेजी से वृद्धि हुई है। बोर्ड के अनुसार पंजाब में इन दिनों औसतन प्रतिदिन 5000 पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।