हरियाणा के 1338 निजी स्कूलों की अस्थायी मान्यता अवधि 8 महीने से नहीं बढ़ी है। इन पर बोर्ड से संबद्धता न मिलने का संकट मंडरा रहा है। इन स्कूलों में लाखों बच्चें पढ़ रहे हैं। उनका भविष्य संकट में पढ़ता देख प्राइवेट स्कूल संघ ने सरकार से अस्थायी मान्यता बढ़ाने का पत्र जल्दी जारी करने की मांग की है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि प्रदेश में 3200 स्कूल अस्थायी मान्यता प्राप्त हैं। इन्हें 15-20 वर्षों से एक्सटेंशन मिलती आ रही है। किसी भी सरकार ने स्थायी मान्यता प्रदान नहीं की। पिछले सत्र में 1338 अस्थायी मान्यता वाले स्कूल बच गए थे, जिन्हें एक वर्ष की एक्सटेंशन दी गई।
यह एक्सटेंशन 31 मार्च 2021 को समाप्त हो चुकी है। इनमें पहली से 12वीं तक लाखों बच्चे पढ़ रहे हैं। विशेष तौर पर दसवीं व 12वीं कक्षा के लगभग 80 हजार बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षा बोर्ड भिवानी ने स्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों के संबंद्धता आवेदन पत्र व निरंतरता शुल्क जमा कराने की अंतिम तिथि नौ नवंबर निर्धारित की थी, लेकिन अस्थायी स्कूलों को संबंद्धता नहीं दी जा रही है।
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कुंडू ने कहा कि इन स्कूलों की पोर्टल आईडी बंद है, जिसके चलते ये संबंद्धता फार्म भरने से वंचित हैं। सैकड़ों स्कूलों की फाइलें पिछले तीन वर्षों से शिक्षा निदेशालय पंचकूला में एग्जिस्टिंग सूची में नाम डलवाने के लिए लंबित पड़ी हैं। ये स्कूल पुराने नियमों के अनुसार मान्यता की फाइल लगाने से भी वंचित हैं।
इसलिए विभाग एग्जिस्टिंग सूची तुरंत जारी करे। इन मांगों को लेकर प्राइवेट स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल 11 नवंबर को शिक्षा निदेशक से मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर सभी मांगों को प्रमुखता के साथ उठाएंगे।