शहीद स्थली जलियांवाला बाग का चप्पा-चप्पा देश की आजादी में पंजाबियों द्वारा दिए असंख्य बलिदानों का गवाह बनेगा। इसकी दीवारें इतिहास का वृतांत सुनाएंगी। आजादी की लड़ाई में अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास को संजोया जाएगा। जलियांवाला बाग की वर्तमान गैलरी का पुनर्निर्माण कर वहां अति आधुनिक तकनीक से जलियांवाला बाग के इतिहास को दिखाया जाएगा।
जिस रास्ते से जरनल डायर ने जलियांवाला बाग में प्रवेश करके निहत्थे भारतीयों पर गोलियां चलाईं थीं, उस एतिहासिक रास्ते की पुरानी विरासत को संरक्षित करते हुए उसे नया रूप दिया जाएगा। जलियांवाला बाग में प्रवेश करते ही पर्यटकों को इस पावन भूमि में आजादी के परवानों की शहादत का अनुभव हो, इसके लिए प्रवेश द्वार की दाएं व बाएं की दीवारों पर उस समय के दृश्यों का जीवंत चित्रण किया जाएगा।
श्रद्धांजलि समारोह से पहले बड़ी स्क्रीन पर 45 सेकेंड का एक वीडियो दिखाकर जलियांवाला बाग के प्रथम चरण का विकास करने वाली संस्था ने उपराष्ट्रपति को इस बारे में जानकारी दी।