हरियाणा में भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी चुनावी रण में अपने धुरंधर उतार दिए हैं। दस में से छह सीटों पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। चार सीटों पर फैसला अभी बाकी है। पार्टी ने अपने पुराने खिलाड़ियों पर ही दांव खेलते हुए चार पूर्व सांसदों, एक पूर्व मंत्री व एक मौजूदा विधायक को टिकट दिया है।
विज्ञापन
अंबाला संसदीय (आरक्षित) सीट से राज्यसभा सदस्य कुमारी सैलजा को, सिरसा (आरक्षित) सीट से पार्टी ने प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर को मुकाबले में उतारा है। भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय सीट फिर पूर्व सीएम बंसीलाल परिवार के खाते में ही गई है। हरियाणा में सीएलपी लीडर व पूर्व मंत्री किरण चौधरी एक बार फिर इस सीट से अपनी बेटी श्रुति चौधरी को टिकट दिलवाने से कामयाब रही हैं।
रोहतक संसदीय सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा भी अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को टिकट दिलवाने में सफल रहे। दीपेंद्र इस सीट से तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और चौथी बार फिर कांग्रेस ने उन पर भरोसा जिताया है। गुरुग्राम सीट पर कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव को पार्टी ने मौका दिया है, तो फरीदाबाद सीट से तिगांव के विधायक ललित नागर पर कांग्रेस ने भरोसा जिताया है।
विज्ञापन
अंबाला संसदीय सीट (आरक्षित): कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा। आयु : 56 वर्ष, शिक्षा: एमए, एम.फिल। 1991 व 1996 में सिरसा से और 2004 व 2009 में अंबाला से सांसद बनी। वर्ष 2014 का लोकसभा चुनाव सैलजा ने नहीं लड़ा और वह राज्यसभा सदस्य के लिए निर्वाचित हुईं। वह केंद्र में आवास, शहरी गरीबी उन्मूलन एवं पर्यटन मंत्री भी रह चुकी हैं। सैलजा कांग्रेसी नेता चौधरी दलबीर सिंह की बेटी हैं और हरियाणा में कांग्रेस का बड़ा चेहरा हैं। वर्ष 2009 में सैलजा ने 322258 वोट लेकर अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी रतनलाल कटारिया को हराया था। कटारिया को 307688 वोट मिले थे। इस बार कटारिया और सैलजा को फिर से मुकाबला होगा।
सिरसा संसदीय सीट (आरक्षित): कांग्रेस प्रत्याशी अशोक तंवर। आयु : 42 वर्ष, शिक्षा : एमए, एम.फिल, पीएचडी। 2009 में सिरसा सीट से पहली बार लोकसभा सांसद बने। 2014 में फिर सिरसा से ही लोकसभा चुनाव लड़ा, मगर हार का सामना करना पड़ा। अब 2019 में इसी सीट से फिर मैदान में हैं। तंवर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं और हरियाणा में कांग्रेस का दलित चेहरा हैं। एनएसयूआई कार्यकर्ता के रूप में शुरू की थी राजनीति। वर्ष 2014 में अशेाक तंवर को 390370 वोट मिले थे। जबकि इनेलो प्रत्याशी चरणजीत सिंह को 506370 वोट मिले थे।
भिवानी महेंद्रगढ़ संसदीय सीट: कांग्रेस प्रत्याशी श्रुति चौधरी। आयु : 45 वर्ष, शिक्षा : बीए, एलएलबी। 2009 से पहली बार भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से खड़ी हुईं और जीती। राजनीति विरासत में मिली। पूर्व सीएम बंसीलाल की तीसरी पीढ़ी हैं। पिता सुरेंद्र सिंह इसी सीट से सांसद रह चुके हैं। माता किरण चौधरी पूर्व मंत्री व वर्तमान सीएलपी लीडर हैं। 2014 में चुनाव लड़ा था। भाजपा प्रत्याशी धर्मबीर से हार गई। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में श्रुति चौधरी को 268115 वोट मिले थे। जबकि भाजपा प्रत्याशी धर्मबीर को 404542 वोट मिले थे।
रोहतक संसदीस सीट: कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा। आयु : 40 वर्ष, शिक्षा : बीटेक, एमबीए। अक्टूबर 2005 में रोहतक उपचुनाव के दौरान पहली बार जीते और सांसद बने। 2009 और 2014 में फिर रोहतक से सांसद चुने गए। 2014 में मोदी लहर में हरियाणा में कांग्रेस द्वारा एकमात्र जीती गई सीट दीपेंद्र की ही थी। अब 2019 में फिर रोहतक से कांग्रेस का चेहरा हैं। दीपेंद्र को भी सियासत विरासत में मिली है। संविधान सभा के सदस्य रणबीर सिंह हुड्डा दीपेंद्र के दादा हैं और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा दीपेंद्र के पिता हैं। वर्ष 2014 में कांग्रेस प्रत्याशी दीपेंद्र हुड्डा को 490063 वोट मिले थे। उनके निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा प्रत्याशी ओपी धनखड़ को 319436 वोट मिले थे।
गुरुग्राम संसदीय सीट: कांग्रेस प्रत्याशी कैप्टन अजय सिंह यादव। उम्र : 60 साल। शिक्षा : बीएससी, एलएलबी। इन्हे भी सियासत परिवार से मिली। पिता राव अभय सिंह यादव हरियाणा में विधायक थे। अजय यादव की रुचि इंडियन आर्मी में थी। 1980 में वह भारतीय सेना में द्वितीय लेफ्टिनेंट बने। सात साल बाद 1987 में आर्मी में कैप्टन रैंक पर पहुंचे और फिर इस्तीफा दे दिया। सैन्य सेवा के बाद रेवाड़ी से उन्होंने अपनी पिता की सियासी विरासत को आगे बढ़ाया। सन 1989, 1991, 1996, 2000, 2005 व 2009 में चुनाव लड़ा और पांच बार विधायक बने। हरियाणा में वित्त, सिंचाई एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे। 2014 में पार्टी नेताओं से कुछ मतभेद हुआ तो पार्टी से इस्तीफा दे दिया। लेकिन कांग्रेस ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया। अब कैप्टन यादव को गुरुग्राम से सांसद का टिकट मिला है।
फरीदाबाद संसदीय सीट: कांग्रेस प्रत्याशी ललित नागर। आयु : 53 साल। शिक्षा : बीए, एलएलबी। वर्ष 2014 में पहली बार कांग्रेस की टिकट पर तिगांव से चुनाव लड़े थे और विधायक बने। इस बार कांग्रेस ने उन्हे लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका दिया है। ललित नागर पर यह कांग्रेस का बड़ा दांव है।