भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार दूसरे दिन बैंक ग्राहकों को अच्छी खबर दी है। बुधवार को रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि समय से पहले कर्ज चुकाने वाले ग्राहकों से वह किसी तरह की कोई पेनॉल्टी नहीं ले सकते हैं।
रिजर्व बैंक का यह निर्देश फ्लोटिंग रेट पर कर्ज लेने वाले ग्राहकों के लिए लागू होगा। जिसका फायदा कार लोन, कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन, पर्सनल लोन सहित दूसरे कर्ज लेने वाले ग्राहकों को फायदा होगा। रिजर्व बैंक होम लोन पर दो साल पहले ही प्री-पेमेंट पेनॉल्टी लेने के प्रावधान को खत्म कर चुका है।
भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार बैंक व्यक्तिगत स्तर पर कर्ज लेने वाले ग्राहकों से ली जाने वाली प्री-पेमेंट पेनॉल्टी को तत्काल प्रभाव से खत्म करें। रिजर्व बैंक के इस निर्देश से साफ है कि कोई व्यक्ति टर्म लोन (तय अवधि) के तहत फ्लोटिंग रेट पर कर्ज लेकर उसे समय से पहले चुकाता है, तो उस पर बैंक किसी तरह की कोई प्री-पेमेंट नहीं लेंगे। अभी बैंक ग्राहकों से कार लोन, पर्सनल लोन सहित दूसरे कर्ज पर 2 फीसदी प्री-पेमेंट पेनॉल्टी लेते हैं।
बैंकर्स के अनुसार रिजर्व बैंक का यह कदम नए और पुराने ग्राहकों के बीच के भेद को कम करेगा। ज्यादातर बैंक फ्लोटिंग रेट पर कर्ज लेने वाले ग्राहकों की ब्याज दरों में नए और पुराने ग्राहक के आधार पर अंतर करते हैं। ग्राहक प्री-पेमेंट पेनॉल्टी के कारण अपने कर्ज को शिफ्ट नहीं करते हैं।
ऐसे में अब ग्राहकों के लिए दूसरे बैंक में अपना लोन शिफ्ट करना आसान होगा। जिस कारण ग्राहक खोने के डर से बैंक पुराने ग्राहकों और नए ग्राहकों की ब्याज दरों के अंतर में भी कमी कर सकते हैं। बैंकर के अनुसार इस तरह का फायदा होम लोन के ग्राहकों को मिलना शुरू हुआ है।
रिजर्व बैंक दो साल पहले होम लोन ग्राहकों को ऐसी सुविधा दे चुका है। इसके पहले मंगलवार को रिजर्व बैंक इन-ऑपरेटिव खातों पर न्यूनतम राशि मेंटेन न करने पर ग्राहकों से पेनॉल्टी नहीं लेने की सलाह दी है।