लगभग दो साल तक कोरोना के साये में गुजारने के बाद इस बार दिवाली का जोश पूरे देश में देखने को मिला। इस दिवाली लोगों ने जमकर खरीदारी की। इस मौके पर 1.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो पिछले 10 वर्षों में रिकॉर्ड व्यापार आंकड़ा है। अखिल भारतीय व्यापार परिसंघ (सीएआईटी) ने इसका दावा किया है। सीएआईटी ने कहा कि इस साल दिवाली पर चीन को करीबन 50 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सीएआईटी कहना है उसने पिछले साल 'चीनी सामान के बहिष्कार' का आह्वान किया था। सीएआईटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया के मुताबिक, चीन के सामान कम रखने का असर दिखा है। उन्होंने ये भी बताया कि इस साल छोटे कारीगरों, कुम्हारों, शिल्पकारों और स्थानीय कलाकारों ने अपने सामान की ज्यादा अच्छी बिक्री की है।
इन सामानों की हुई खूब बिक्री
सीएआईटी के मुताबिक, दिवाली में खास तौर पर एफएमसीजी सामान, उपभोक्ता सामान, खिलौने, बिजली के उपकरण और सामान, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सफेद सामान, रसोई के सामान और सहायक उपकरण, उपहार के सामान, मिठाई, होम फर्निशिंग, टेपेस्ट्री, बर्तन, सोना और गहने, जूते, घड़ियां आदि खूब बिकीं। इसके अलावा फर्नीचर, कपड़े, फैशन परिधान, घर की सजावट के सामान, मिट्टी के दीयों सहित दिवाली पूजा के सामान, देवता, दीवार पर लटकने वाली सजावटी वस्तुएं ,हस्तशिल्प के सामान, वस्त्र, शुभ-लाभ वंदनवार, ओम जैसे सौभाग्य के प्रतीक, त्योहारी सीजन में घर की साज-सज्जा आदि में जबरदस्त कारोबार हुआ।