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Zomato: 'हमारे ऊपर जीएसटी की कोई देनदारी नहीं', 402 करोड़ रुपये के जीएसटी नोटिस के बाद कंपनी ने दिया ये जवाब

Thu, 28 Dec 2023 02:55 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Zomato: शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि उसे जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय, पुणे क्षेत्रीय इकाई से केंद्रीय माल व सेवा कर कानून, 2017 की धारा 74 (1) के तहत 26 दिसंबर, 2023 को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) मिला है।
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जोमैटो - फोटो : PTI
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विस्तार
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ऑनलाइन फूड डिलिवरी फर्म जोमैटो लिमिटेड को डिलीवरी शुल्क वसूलने के मामले में 401.7 करोड़ रुपये की जीएसटी देनदारी का शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, जोमैटो ने जोर देकर कहा कि वह राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि डिलीवरी चार्ज डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से लिया जाता है।

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शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि उसे जीएसटी इंटेलिजेंस महानिदेशालय, पुणे क्षेत्रीय इकाई से केंद्रीय माल व सेवा कर कानून, 2017 की धारा 74 (1) के तहत 26 दिसंबर, 2023 को कारण बताओ नोटिस (एससीएन) मिला है। नोटिस में कंपनी को यह बताने को कहा गया है कि 29 अक्टूबर, 2019 से 31 मार्च, 2022 की अवधि के लिए ब्याज और जुर्माने के साथ 401.7 करोड़ रुपये की वसूली क्यों नहीं की जाए।

हालांकि, जोमैटो ने जोर देकर कहा कि वह राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है, क्योंकि डिलीवरी पार्टनर्स की ओर से डिलीवरी चार्ज लिया जाता है। कंपनी ने इसकी वसूली नहीं है। कंपनी ने कहा है, ''एससीएन में जिस राशि का जिक्र किया गया है वह राशि भागीदारों की ओर से ग्राहकों से डिलीवरी शुल्क के रूप में एकत्र की गई राशि है।" जोमैटो ने कहा कि उसका मानना है कि वह किसी भी कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है क्योंकि डिलीवरी चार्ज कंपनी द्वारा डिलीवरी भागीदारों की ओर से एकत्र किया जाता है।
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इसके अलावा, पारस्परिक रूप से सहमत अनुबंध के नियमों और शर्तों को ध्यान में रखते हुए, डिलीवरी भागीदारों ने ग्राहकों को डिलीवरी सेवाएं प्रदान की हैं, न कि कंपनी को। इस बात की पुष्टि हमारे बाहरी कानूनी और कर सलाहकारों ने भी अपनी राय में की है। जोमैटो ने कहा कि कंपनी एससीएन पर उचित जवाब दाखिल करेगी।

कई अन्य कंपनियों पर भी कार्रवाई 
जोमैटो के अलावा कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा को भी विभिन्न प्राधिकरणों से जीएसटी नोटिस मिला है। इन सभी को जीएसटी भुगतान के साथ ब्याज और जुर्माना भी देने को कहा गया है। हालांकि, कुछ कंपनियों ने इस नोटिस को चुनौती देने की बात कही है।

आईसीआईसीआई बैंक से 26.8 करोड़ की मांग
आईसीआईसीआई बैंक ने बताया कि उसे ब्याज और जुर्माने के साथ तमिलनाडु विभाग से 26.8 करोड़ रुपये का जीएसटी नोटिस मिला है। इसमें 24.37 करोड़ जीएसटी है। 2.43 करोड़ जुर्माना है।

कोटक महिंद्रा बैंक को 62.3 लाख का नोटिस
कोटक महिंद्रा बैंक ने बताया कि उसे ओडिशा जीएसटी विभाग से 62.3 लाख रुपये का नोटिस मिला है। इसमें 5.1 लाख रुपये ब्याज और जुर्माना है जबकि बाकी जीएसटी की रकम है। 2017-18 और 2018-19 में तमाम खर्चों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट को लेकर नोटिस दिया गया है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा पर 56 लाख का जुर्माना  
कंपनी ने कहा कि अहमदाबाद जीएसटी विभाग से दो पहिया कारोबार के मामले में महिंद्रा टू व्हीलर्स लि को 56.04 लाख जुर्माने का नोटिस मिला है। महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) लिमिटेड पर अपने दोपहिया कारोबार के संबंध में जीएसटी से पहले की व्यवस्था में उपलब्ध इनपुट को गलत तरीके से जीएसटी-तंत्र में आगे बढ़ाने के लिए 56 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। एमएंडएम ने शेयर बाजार को बताया कि कंपनी को सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क, खंड-4, अहमदाबाद दक्षिण के कार्यालय के सहायक आयुक्त से महिंद्रा टू-व्हीलर्स लिमिटेड (एमटीडब्ल्यूएल) के दोपहिया वाहन कारोबार के बारे में 56,04,246 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश मिला है। बता दें कि इस कारोबार को एमटीडब्ल्यूएल से अलग कर एमएंडएम में विलय कर दिया गया था।

बाटा से बिक्री कर विभाग ने मांगे 60 करोड़
बाटा इंडिया ने कहा, उसे चेन्नई बिक्री कर विभाग से 60.56 करोड़ के भुगतान के लिए नोटिस मिला है। यह नोटिस 2018-19 में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर मिली है। इसमें मासिक जीएसटी रिटर्न में बाहरी आपूर्ति पर कारोबार में अंतर और अतिरिक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लाभ  जैसे मामले शामिल हैं।

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