देश के सात प्रमुख शहरों में 2022-23 में मकानों की बिक्री सालाना आधार पर 48 फीसदी बढ़कर करीब 3.47 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। 2021-22 में आवासीय संपत्तियों की बिक्री 2,34,850 करोड़ रुपये रही थी।
रियल एस्टेट फर्म एनारॉक ने बताया कि मकानों की भारी मांग और कीमत बढ़ने से बिक्री में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। संख्या के लिहाज से देखें तो बिक्री 2021-22 के 2,77,783 मकानों से बढ़कर 2022-23 में 3,79,095 इकाई के स्तर पर पहुंच गई। यह आंकड़ा रियल एस्टेट क्षेत्र में नई बिक्री पर हुए लेनदेन के आंकड़ों पर आधारित है।
दिल्ली-एनसीआर में 42% तेजी
शहर बिक्री (करोड़ में) उछाल
दिल्ली-एनसीआर 50,620 42 फीसदी
मुंबई महानगर 1,67,210 46 फीसदी
बंगलूरू 38,870 49 फीसदी
पुणे 33,730 77 फीसदी
हैदराबाद 34,820 50 फीसदी
चेन्नई 11,050 24 फीसदी
कोलकाता 10,660 38 फीसदी
निर्बाध रूप से आगे बढ़ रहा है घरेलू रियल्टी बाजार
एनारॉक समूह के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, भारत का आवासीय रियल एस्टेट उद्योग निर्बाध रूप से आगे बढ़ रहा है और अभूतपूर्व मानक तय कर रहा है। मजबूत मांग को देखते हुए उम्मीद है कि आगे भी बिक्री बेहतर बनी रहेगी।
बाजार में लौट रहे हैं निवेशक
लग्जरी रियल्टी फर्म कृसुमी कॉरपोरेशन के एमडी मोहित जैन ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में हाल के वर्षों में परिवर्तन आया है। यह अधिक परिपक्व और मौलिक रूप से मजबूत हो गया है। अंतिम उपयोगकर्ताओं से महत्वपूर्ण मांग होने की वजह से निवेशक भी अब आवासीय बाजार में लौट रहे हैं।