पॉलिएस्टर धागे को भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के दायरे में लाने की तैयारी कर ली गई है। जुलाई के पहले सप्ताह से यह लागू हो जाएगा।
माना जा रहा है कि इससे भारतीय उत्पाद की अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुणवत्ता के आधार पर मांग बढ़ेगी। साथ ही, चीन से आने वाले कम गुणवत्ता के पॉलिएस्टर धागे पर रोक लगेगी। बीआईएस के दायरे में आने से पॉलिएस्टर धागे की कीमत में 10 से 15 रुपये प्रति किलोग्राम तक की बढ़ोतरी हो जाएगी।
दरअसल, देश में पॉलिएस्टर धागे का बाजार करीब 10 लाख करोड़ रुपये का है। पानीपत और सूरत पॉलिएस्टर धागे के हब हैं। अकेले पानीपत में इसके करीब 250 उद्योग हैं, जबकि देश में इनकी संख्या करीब 50,000 है। पानीपत से 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये तक के पॉलिएस्टर धागे के उत्पादों का निर्यात होता है, जबकि देशभर से यह आंकड़ा करीब एक लाख करोड़ रुपये है। फिलहाल, देश में अधिकतर पॉलिएस्टर धागे चीन से आते हैं। हालांकि, देश में कई बड़े उद्योगों में इसका उत्पादन हो रहा है। सिलवासा में हर साल 10,000 टन पॉलिएस्टर धागे बनते हैं। इसकी देशभर में आपूर्ति भी है।
आयात में 70 फीसदी तक कर चोरी
उद्यमियों का मानना है कि चीन से आयातित पॉलिएस्टर धागे की गुणवत्ता खराब होती है। इसमें 70 फीसदी कर चोरी होती है। बीआईएस के दायरे में आने के बाद चीन से आयातित धागे की गुणवत्ता अच्छी होगी।
जुलाई के पहले सप्ताह में होगा लागू, चीन से आयात होने वाले खराब धागे पर लगेगी रोक
01 लाख करोड़ रुपये के पॉलिएस्टर धागे का निर्यात होता है देश से
पानीपत से 10,000 करोड़ तक
धागे से बने उत्पाद भी आएं दायरे में : बीआईएस की शर्त लागू होने से पॉलिएस्टर धागे से बने उत्पाद महंगे हो जाएंगे। चीन आयातित धागे से बने उत्पादों को भी बीआईएस के दायरे में लाना चाहिए।
-नवीन बंसल, वरिष्ठ सदस्य, पानीपत फ्लेनो मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन