केंद्र सरकार ने पके-छिले हुए नारियल का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने का एलान किया है। अब तक 2,571 रुपये प्रति क्विंटल पर बिक रहा यह नारियल अब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल की लागत पर बिकेगा। सरकार ने इस साल फसल की कीमत की खरीद में 2019 के मुकाबले पांच फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। केंद्र सरकार ने दावा किया है समर्थन मूल्य बढ़ जाने से ताजा नारियल के प्रीक्योमेंट आसान होगा। साथ ही छोटे किसानों को भी बढ़ी हुई कीमत से एक मुश्त फायदा होगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि नारियल लघु किसानों की फसल होने के नाते किसानों के स्तर पर इसे इकट्ठा करके खोपरा बनाना आम नहीं होता। जबकि पेषण खोपरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस वित्तवर्ष के लिए 9,960 रुपये हैं। फिर भी छिले नारियल के लिए उच्चतर न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि होने से किसानों को तुरंत नकद मिलना आसान हो जाता है।
इसके अलावा वर्तमान में कोरोना संकट को देखते हुए किसानों को माली हालत को ठीक करने के लिए न्यूनतम समर्थन भाव में बढ़ोत्तरी नारियल किसानों के लिए राहत पहुंचाएगी।