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भारत के पांच सबसे चमत्कारी मंदिर, जिनके रहस्यों को कोई नहीं सुलझा पाया आजतक

Tue, 17 Mar 2020 10:43 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विरुपाक्ष मंदिर, हम्पी - फोटो : Social media
भारत में एक से एक खूबसूरत और भव्य मंदिर हैं, जो लोगों का मन मोह लेते हैं। इन मंदिरों को देखने के लिए सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यहां ऐसे कई मंदिर हैं, जिन्हें चमत्कारी और रहस्यमय माना जाता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो रहस्यों से भरे हुए हैं, लेकिन उन रहस्यों को आज तक कोई भी सुलझा नहीं पाया है।  

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ज्वाला जी मंदिर में जलता दीपक - फोटो : Social media
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में मां दुर्गा को समर्पित एक मंदिर है, जिसे ज्वाला जी मंदिर या ज्वालामुखी मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर के केंद्र में एक दीपक जल रहा है, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह अनादि काल से जलता आ रहा है और हमेशा जलता रहता है। इस दीपक से नीली लौ निकलती है। यह एक रहस्य ही है। 
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विरुपाक्ष मंदिर, हम्पी - फोटो : Social media
कर्नाटक के हम्पी में स्थित विरुपाक्ष मंदिर अपने आप में एक रहस्य है। कहते हैं कि इस मंदिर में कुछ ऐसे स्तंभ हैं, जिनसे संगीत निकलता है। इन्हें म्यूजिकल पिलर्स के नाम से जाना जाता है। इन स्तंभों के बारे में कहा जाता है कि एक बार अंग्रेजों ने यह जानने के लिए कि स्तंभों से संगीत कैसे निकलता है, उन्हें काट कर देखा, लेकिन अंदर का नजारा देख कर वो भी हैरान रह गए, क्योंकि अंदर तो कुछ था ही नहीं। स्तंभ बिल्कुल खोखला था।  

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शिवगंगे मंदिर - फोटो : Social media
कर्नाटक से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शिवगंगे मंदिर एक छोटी सी पहाड़ी पर बना हुआ है। कहते हैं कि यहां की पूरी पहाड़ी शिवलिंग जैसी दिखती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यहां मौजूद शिवलिंग पर घी चढ़ाने के बाद वो रहस्यमय तरीके से मक्खन में बदल जाता है। यह आज भी एक रहस्य ही बना हुआ है।   
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लेपाक्षी मंदिर, आंध्र प्रदेश - फोटो : Social media
आंध्र प्रदेश में स्थित लेपाक्षी मंदिर वास्तुशिल्प का एक चमत्कार है। मंदिर परिसर में एक लटकता हुआ स्तंभ है, जो जमीन पर नहीं टिका है। इसके अलावा यहां एक ऐसा पत्थर भी है, जिसपर एक पदचिह्न है। इस पदचिह्न के बारे में कहा जाता है कि यह माता सीता का है। आश्चर्य करने वाली बात ये है कि यह पदचिह्न हमेशा गीला रहता है। इसे कितना भी सुखा दिया जाए, लेकिन इसमें फिर अपने आप पानी भर जाता है। यह अब तक रहस्य ही बना हुआ है कि आखिर इसमें पानी आता कहां से है। 
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हसनंबा मंदिर - फोटो : Social media
कर्नाटक के हासन में स्थित हसनंबा मंदिर रहस्यों से भरा हुआ है। यह मंदिर साल में सिर्फ एक हफ्ते के लिए (दीपावली पर) ही खुलता है और फिर पूजा-पाठ के बाद मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं, जो फिर अगले साल ही खुलता है। कहते हैं कि मंदिर के दरवाजे बंद करने से पहले दीपक जला दिया जाता है, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि जब एक साल बाद जब दरवाजा खोला जाता है तो वो दीपक जलता ही रहता है, जबकि उसमें सीमित मात्रा में ही तेल डाल कर छोड़ दिया जाता है। इसके अलावा देवी हसनंबा पर जो फूल चढ़ाए जाते हैं, वो एक साल बाद भी ताजा ही रहते हैं।
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