नेपाल में भारी बारिश के बाद गोपालगंज के वाल्मीकि नगर बराज से रविवार को साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अत्यधिक पानी को देखते हुए गोपालगंज डीएम मकसूद आलम ने जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। जिले के सभी बाढ़ संभावित क्षेत्रों के बीडीओ और सीओ को निर्देश दिया है की वे तटबंधों के अंदर बसे गांवों से लोगों को बाहर आने के लिए माइकिंग के माध्यम से सूचित करे।
डीएम मकसूद आलम के आदेश के बाद जिले के छह प्रखंडों के तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है। सदर सीओ और बीडीओ खुद तटबंधों की निगरानी कर रहे है। निचले इलाकों में बसे लोगों से आगाह कर रहे है कि बाढ़ का पानी ज्यादा आने से पूर्व ऊंचे स्थानों पर चलें जाए। गोपालगंज डीएम, सदर एसडीएम प्रदीप कुमार सिंह सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी बैकुंठपुर प्रखंड के सत्तर घाट के पास पहुंचे। यहां पर सारण बांध ओर अन्य तटबंधों की सुरक्षा का जायजा लिया।
बता दें कि वाल्मीकि नगर बराज से रविवार की सुबह चार लाख 28 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जो 24 घंटे में गोपालगंज पहुंच जाएगा।जिससे कुचायकोट प्रखंड, सदर प्रखंड, मांझा प्रखंड, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के कई गांव जो गंडक के निचले इलाके में बसे है। वे गांव बाढ़ के पानी से घिर जाएंगे और जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा। ऐसे में जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी बढ़ने से पहले ही अपने मवेशियों, बच्चों और अन्य जरूरी सामान लेकर ऊंचे स्थलों पर आ जाएं।
मधुबनी में भी हालत खराब
बता दें कि नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से कोसी नदी उफना गई है। जिससे पूर्वी और कोसी तटबंध के इलाके में रह रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। कोसी नदी का जलस्तर इस साल का सबसे अधिक डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया है। रविवार की सुबह 6:00 बजे 3 लाख 42 हजार 65 क्यूसेक पानी कोसी बराज पर डिस्चार्ज किया गया। वहीं सुबह 8 बजे 3 लाख 49 हजार 400 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। इधर, कोसी तटबंध में बढ़े जलस्तर से मधुबनी जिले के तटबंध मे भीतर रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई है। यहां महिपतिया, गढ़गांव, ड़ाराह, द्वालख पंचायत के दर्जनों गांव में बाढ़ का पानी घुस गया है।
सीतामढ़ी में भी हालत खराब
सीतामढ़ी और शिवहर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश की वजह से जिले की नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है। इससे जिले में बाढ़ की आशंका बन गई है। बागमती नदी का जलस्तर सोनाखान में खतरे के निशान 68.80 मी से 89 सेमी ऊपर बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से सुप्पी के जमला गांव के निकट नदी सरेह की जमीन का कटाव कर रही है। बागमती नदी में वृद्धि के बावजूद सभी जगह खतरे के निशान से नीचे है। सोनाखान में बागमती स्थिर बनी हुई है। वहीं, ढेंग में बागमती 29 सेमी ऊपर बह रही है। डूबाधार में बागमती 37 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं चंदौली में 11 सेमी ऊपर तो कटौझा में 50 मीटर ऊपर बह रही है। इसके अलावा ढेंग में बागमती नदी का जलस्तर घट रहा है। वहीं, डूबाघाट, चंदौली और कतौझा बागमती में जलस्तर बढ़ रहा है। बागमती के जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।