जिले की 1760 प्रारंभिक विद्यालयों में से 1621 में बाल संसद का आयोजन किया गया था। वहीं 1760 प्रारंभिक विद्यालयों में से 1621 में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी हुई। 246 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 246 में अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी में बच्चों की शिक्षा पर चर्चा हुई।
बताया जाता है कि बाल संसद का गठन विद्यालय स्तर पर होता है। जिसमें प्रधान मंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वच्छता मंत्री, सुरक्षा व न्याय मंत्री, पोषण मंत्री, उपस्थिति मंत्री, शिक्षा मंत्री, कौशल मंत्री, पर्यावरण मंत्री, खेलकूद व सांस्कृतिक मंत्री, सूचना व संपर्क मंत्री व पुस्तकालय मंत्री का चयन छात्रों के बीच से होता है। ताकि संबंधित कार्यों के संचालन में बच्चों की मदद ली जा सके। जिससे बचपन से ही बच्चों में नेतृत्व क्षमता के साथ जिम्मेदारी निर्वहन करने का विकास हो।
बताया कि अभिभावक शिक्षक संगोष्ठी में विद्यालय की गतिविधियों पर चर्चा हुई। अभिभावकों ने अपने बच्चों की परेशानी शिक्षकों को बतायी। जिसका निदान करने का आश्वासन शिक्षकों ने दिया। बैठक के दौरान कई विद्यालयों में एफएलएन किट का वितरण भी किया गया। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमुनाहां के प्रचार्य डॉ दुर्गा चरण पाण्डेय ने 200 छात्र-छात्राओं के बीच किट का वितरण किया। मौके पर बृजकिशोर पांडेय,विकास पांडेय,सुनील गुप्ता, सन्नी मद्धेशिया, शिक्षक लोकेश पाण्डेय, एचएम दुर्गाचरण पाण्डेय, खुर्शेद आलम, उपेंद्र रॉय, शरदचंद्र पांडेय सहित काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।
कई विद्यालयों में नदारद रहे अभिभावक
शिक्षा विभाग के आदेश के आलोक में शनिवार को शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी करने का आदेश दिया गया था। शनिवार के दिन कई विद्यालयों में अभिभावक बहुत ही कम संख्या में पहुंचे थे। मध्य विद्यालय भाठवां के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि अभिभावकों का कहना है की खेती किसानी का काम चल रहा है। ऐसी स्थिति में बैठक में आना मुमकिन नहीं है । हालांकि 40 फ़ीसदी अभिभावक बैठक में शामिल हुए थे। वहीं प्राथमिक विद्यालय इंदरपट्टी के प्रधान शिक्षक दीपक मिश्रा, मंझरियां के प्रधान शिक्षक केशव तिवारी, नंदपट्टी के प्रधान शिक्षक बागेश्वरी तिवारी आदि ने कहा कि बार-बार अभिभावकों को कहने के बाद भी अभिभावक ससमय विद्यालय में बैठक में भाग लेने नहीं पहुंचे। ऊपर से विभाग का आदेश है कि फोटो के साथ सूचना दी जाए।
बाल संसद की बैठक में बच्चों ने रखे अपन विचार
जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में शनिवार के दोपहर बालसभा की बैठक आयोजित की गई। जिसमें बाल संसद के छात्राओं ने अपने विचार रखें। पंचदेवरी के नेहरूआ कला में बाल संसद की प्रधानमंत्री अंशु कुमारी ने कई प्रस्ताव विद्यालय प्रबंधन के सामने रखा। जिसे पूरा करने के लिए सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में प्रधानाध्यापक सुनील कुमार शर्मा, शिक्षक जनार्दन ओझा, संजीव कुमार, राजन राम, छोटेलाल प्रसाद, जमीर हसन, ममता श्रीवास्तव, सीमा देवी, पुष्पा देवी आदि थे।
कहते हैं अधिकारी
बच्चों में नेतृत्व क्षमता के विकास को ले बाल संसद का आयोजन किया गया है। साथ ही पीटीएम के माध्यम से विद्यालय के सफल संचालन व छात्रों की परेशानियों को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
-रंजीत पासवान, डीईओ गोपालगंज