बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। धुर राजनीतिक विरोधी लालू यादव और नीतीश कुमार एक मंच पर हैं, हाथ उठाकर जनता का अभिवादन कर रहे हैं और एक दूसरे को गले लगा रहे हैं।
जनता ये देख कर हैरान है लेकिन राजनीति जो ना कराए वो कम ही है। कल तक एक दूसरे को पानी पी-पीकर कोसने वाले आज गले मिल रहे हैं।
बिहार की राजनीति को करीब से जानने वालों के मुताबिक हाजीपुर की ये रैली कई मायनों में महत्वपूर्ण है और इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
नजदीक हैं बिहार विधानसभा उपचुनाव
21 अगस्त को बिहार विधानसभा की 10 सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। इन चुनावों में बीजेपी को पछाड़ने के लिए जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस ने हाथ मिला लिया है।
चार-चार सीटें जेडीयू और आरजेडी के हिस्से में आई हैं जबकि दो सीटें कांग्रेस को मिली हैं। लोकसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद दोनों क्षेत्रीय पार्टियों ने साथ आने का मन बना लिया था।
लालू-नीतीश: अब दिखेंगे साथ साथ
लालू और नीतीश सोमवार शाम को भी एक साथ दिखाई देंगे। इसके बाद दोनों लोग 17 अगस्त को भी साथ में ही प्रचार करेंगे।
20 साल के बाद दोनों हाजीपुर के मंच पर एक साथ दिखाई दिए तो ये तय हो गया कि बिहार के किले पर भगवा झंडा फहराना बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा।
बिहार में मोदी के जादू से भिड़ेगा महागठबंधन
21 अगस्त को जिन 10 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाली जानी हैं वो हैं नरकटियागंज, राजनगर, जाले, छपरा, हाजीपुर, मोहिउदीननगर, परबत्ता, भागलपुर, बांका और मोहनिया।
इन 10 सीटों में से छह सीट बीजेपी के पास, तीन आरजेडी के पास और एक जेडीयू के पास थी। खबर के मुताबिक लालू और नीतीश, हाजीपुर के अलावा नरकटियागंज, छपरा और मोहनिया के मंचों पर भी साथ नजर आएंगे।
नीतीश कुमार ने राज्यसभा उपचुनाव के बाद ही ऐसे संकेत दिए थे कि जेडीयू और आरजेडी साथ में मिल कर विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। उन्होंने धर्मनिरपेक्ष शक्तियों को एक साथ आने को कहा था।
पढिए नीतीश कुमार का पूरा भाषण
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि,"बीजेपी द्वारा समाज को बांटने की नीति पर काम किया जा रहा है। जिनको अध्यक्ष बनाया गया है उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी लालू और हमसे ही है।"
उन्होंने कहा कि,"उन्हें हम लोगों से परेशानी है और अब हम एकजुट हो गए हैं। हम समाज में किसी की अपेक्षा नहीं करते हैं। मजबूत बिहार और मजबूत हिंदुस्तान बनाना चाहते हैं। हम लोगों ने वक्त की पुकार को समझा है। हम अपनी ताकत को एक करेंगे।"
नीतीश ने कहा कि,"हमारे नेता थे राम मनोहर लोहिया, जेपी के आंदोलन के सेनानी हैं हम लोग। आज खतरा कांग्रेस पार्टी का नहीं है भगवा पार्टी का है। ये देश का भगवाकरण करना चाहते हैं। लेकिन हम लोग अब एक हो गए हैं और जो ताकतें इस देश को कमजोर करना चाहती हैं उनसे मुकाबला करेंगे।"
उन्होंने कहा कि,"जब तक बीजेपी के राजनीतिक इरादों को विफल नहीं कर देंगे चैन से नहीं बैठेंगे। हमने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया। उन्माद की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।"
माया और मुलायम भी करें गठबंधन: लालू
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि,"नीतीश और मैं एक ही परिवार और एक ही घर के हैं। हम बेशक बिखर गए थे, बंट गए थे लेकिन बस अब और नहीं। बीजेपी ने वादे बड़े बड़े किए थे लिकन जनता को मिला क्या?"
लालू ने कहा कि,"देश का अशुभ हो रहा है चारों तरफ, मोदी नेपाल गए तो वहां भी अशुभ हो गया। पहाड की चट्टान टूट कर पानी में गिर गई, बिहार पर संकट आ गया। उन्होंने नेपाल छोड़ा तो बिहार से संकट टला।"
लालू यादव ने कहा कि,"सोशल मीडिया से जनता को बहका दिया। हमारी पार्टी में भी ऐसे नेता हो गए हैं जो चाहते हैं कि उनके कपड़े गंदे ना हों। ऐसा कहा गया कि मुसलमान को बाहर खदेडा जाएगा और जमीनें तुम्हें मिल जाएंगी। ऐसा बोल कर जीतने वाले के घर से करोड़ों रुपये बरामद हुए।"
मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि,"एक साथ देश को शंघाई बना देंगे क्या? दाल में कुछ काला है, वो बोल तो गए हैं लेकिन कर कुछ पा नहीं रहे हैं। ये लोग बड़ा खतरनाक खेल रच रहे हैं।"
लालू यादव ने कहा कि,"रेल के टिकट बढ़े तो सब चीजों के दाम बढ़ गए। देश जो गलत हाथों में चला गया है उसे मुक्त कराना है। मायावती और मुलायम सिंह से अपील है कि अब वक्त आ गया है कि आप लोग भी महागठबंधन करिए।"
राजेन्द्र राय के पक्ष में मांगे वोट
नीतीश और लालू ने हाजीपुर में राजेंद्र राय के पक्ष में वोट मांगे जो जेडीयू,आरजेडी और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार हैं। राजेंद्र राय से पहले बीजेपी के नित्यानंद राय यहां से विधायक थे।
नित्यानंद को बीजेपी ने लोकसभा का टिकट दिया था। लोकसभा चुनाव में जीत कर नित्यानंद लोकसभा पहुंच गए और इस तरह हाजीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई।
अब देखना ये होगा कि 21 अगस्त को जनता राजेंद्र राय को जिताएगी या फिर एक बार फिर हाजीपुर में कमल खिलेगा।