हड़ताल से मरीज परेशान।
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प्राइवेट अस्पताल में जाने की दी सलाह
पटना सिटी से इलाज कराने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंची शीला देवी ने बताया कि जब वह पूर्जा कटाकर डॉक्टर को दिखाने गई तो उन्हें तीसरे तल्ले पर जाने का आदेश दिया गया। जब वे तीसरे तल्ले पर पहुंची तो बताया गया कि अभी डॉक्टर लोग हड़ताल पर हैं। आप प्राइवेट में इलाज करने के लिए चले जाएं। शीला देवी ने बताया कि उनकी बच्ची बीमार है और उनके पास इतने पैसे नहीं है कि वह प्राइवेट में इलाज कर सके। डॉक्टरों के हड़ताल के कारण मरीज और तीमारदारों का हाल बेहाल है। पैसे नहीं होने के कारण वह प्राइवेट अस्पताल में भी नहीं जा सकते हैं। लोग अब बिहार सरकार से गुहार लगा रहे हैं।
गर्दनीबाग अस्पताल में नंबर लगाने के लिए खड़े लोग।
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जयप्रभा मेदांता अस्पताल में डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन।
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डॉ. रवि शंकर सिंह बोले- जितनी निंदा की जाए, वह कम होगी
वहीं जयप्रभा मेदांता सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटना के सभी डॉक्टरों ने आज ओपीडी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने काला पट्टा लगाकर कार्यस्थल पर मौजूद थे, लेकिन ओपीडी का बहिष्कार किया। इस घटना की निंदा करते हुए हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रवि शंकर सिंह ने बताया कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर हमारे हॉस्पिटल के सभी डॉक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार किया, लेकिन इमरजेंसी सेवाएं पूर्ववत काम करती रहीं। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिला डॉक्टर की हत्या की जितनी निंदा की जाए, वह कम होगी। डॉक्टर महिला डॉक्टर के हत्यारों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे थे। यह घटना डॉक्टरों के लिए सुरक्षा के मुद्दे को उठाती है और समाज में महिलाओं के प्रति हिंसा की बढ़ती समस्या को दर्शाती है।