ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला है। औरंगाबाद में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने आरोप लगाया कि तेजस्वी सत्ता के लोभी हैं। वह सत्ता पाने के लिए किसी से भी हाथ मिला सकते हैं। वह सत्ता पाने के लिए भाजपा से भी हाथ मिला सकते हैं, क्योंकि किसी तरह से सत्ता पाना ही उनका मकसद है।
एआईएमआईएम ने आदिल हसन ने पूर्णिया का उदाहरण देते हुए कहा कि पप्पू यादव के आगे अपने उम्मीदवार की संभावित हार को देखते हुए जब तेजस्वी खुले मंच से एनडीए को वोट देने की अपील कर सकते हैं तो उन्हें सत्ता पाने के लिए भाजपा से भी गुरेज नहीं हो सकता है। आने वाले दिनों में तेजस्वी अगर भाजपा के साथ दिखे तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम मुसलमान उनके जैसे छल करने वाले नहीं हैं। हम ईमान वाले हैं, हम पक्की जुबान वाले हैं। हम जो कहते है, उसे करते हैं। किसी से डरते नहीं, किसी के आगे झुकते नहीं। हम सिर्फ अल्लाह से डरते हैं और उन्हीं के आगे झुकते भी हैं।
उन्होंने कहा कि पॉलिटिकल ड्रामा बहुत हो चुका। मुसलमान रोजे रखे और हमारी टोपी-गमछा पहन कर इफ्तार नीतीश और तेजस्वी करें, हमारा खजूर खाएं और फोटो भी खिंचवाएं, यह अब नहीं चलने वाला। इसे हम चलने नहीं देंगे। ऐसा कर ये सोचते हैं कि उनसे मुसलमान खुश हो जाएगा। यह कतई नहीं होगा। मुसलमान को खुश रखना है तो बिहार का मुस्लिम बजट बढ़ाना होगा। तेलंगाना में मुसलमान आबादी 50 लाख है और वहां का मुस्लिम बजट 2,200 करोड़ है जबकि बिहार में 2.25 करोड़ मुस्लिम आबादी यानी 18 प्रतिशत है और मुस्लिम बजट 650 करोड़ है। यह हाल तब है जब बिहार में 22 और तेलंगाना में सात मुस्लिम एमएलए हैं। इतना ही नहीं 18 प्रतिशत मुस्लिम आबादी को राजद महज दो टिकट देता है। यह सब कहां का इंसाफ है, यह हमारे साथ नाइंसाफी है। इसे मुसलमान बर्दाश्त नहीं करने वाले हैं। उन्होंने कहा कि राजद कतई मुसलमानों की हमदर्द पार्टी नहीं है। हमदर्द थे तो शहाबुद्दीन की मैयत में क्यों नहीं गए। हिना शहाब को क्यों अकेले छोड़ दिया। उनके खिलाफ उम्मीदवार क्यों उतार दिया। हमें इन सब चीजों का इंसाफ चाहिए। हम इसका जवाब देंगे। मुसलमान इसी लोकसभा चुनाव में अपने साथ हुए नाइंसाफी का जवाब दे रहे हैं।
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि बिहार में एमवाई समीकरण अब नहीं रह गया है। एम यानी मुसलमान उनसे दूर हो गए है। मुसलमान अब ओवैसी साहब के साथ हैं। मुसलमान ओवैसी के उम्मीदवारों को वोट दे रहे हैं। काराकाट के मुसलमान भी ओवैसी साहब की पार्टी की कैंडिडेट प्रियंका चौधरी को वोट दीजिए, उनके हाथों को मजबूत कीजिए। ओवैसी सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं सबके हमदर्द हैं। इसी वजह से उन्होंने तेज तर्रार हिंदू महिला प्रियंका चौधरी को अपना कैंडिडेट बनाया है। बहन प्रियंका ने किशनगंज आकर अख्तरुल इमाम साहब के लिए वोट मांगा है। आज हम उनके लिए वोट मांगने आए हैं। आप उन्हें वोट देकर लोकसभा में भेजिए। प्रियंका आपकी आवाज को ओवैसी साहब के साथ मिलकर लोकसभा में बुलंद करेंगी।