बिहार के गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड में स्थित पैमार नदी में डूबने से दादी-पोती की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों पीतल का लोटा बहने से बचाने की कोशिश कर रही थीं। इसी दौरान दोनों नदी में डूब गईं। इसके बाद वहां मौजूद ग्रामीणों ने दोनों के शव बाहर निकाले। घटना की सूचना के बाद गांव में कोहराम मच गया। वहीं, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, गया जिले के फहतेपुर थाना क्षेत्र के गोइनिया गांव के निवासी दिवंगत पोखा साव की पत्नी लालपरी देवी (65) अपनी पोती सोनाली कुमारी (10) के साथ जितीया पर्व की मूर्ति विसर्जन करने पैमार नदी गई थीं। मूर्ति विसर्जन के दौरान पीतल का लोटा पानी में बहने लगा। लोटे को बचाने के लिए सोनली गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। पोती को बचाने के दौरान दादी भी पानी में डूब गई।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना भरौटा पंचायत की मुखिया अनिता देवी को दी। मुखिया की सूचना पर टनकुप्पा बीडीओ सीओ को घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान स्थानीय लोगों की मदद से नदी से दादी-पोती का शव बाहर निकाला गया।