विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने समस्तीपुर में निषाद संकल्प यात्रा के तहत कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। सहनी को ‘सन ऑफ मल्लाह’ के नाम से जाना जाता है। वीआईपी प्रमुख ने इंडिया गठबंधन को मजबूत करने और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का संकल्प लिया। सहनी ने कहा कि निषाद समाज अब अपने अधिकार की लड़ाई के लिए तैयार है और सरकार में हिस्सेदारी लेकर अपने समाज को आगे बढ़ाएगा।
बाढ़ की समस्या पर सरकार पर निशाना
मुकेश सहनी ने बिहार में बाढ़ की समस्या पर सरकार की विफलता पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि बिहार, जो कृषि, पशुधन और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, आज भी देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। हर साल बाढ़ के कारण जनता को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन सरकार बाढ़ प्रभावित इलाकों में गरीबों को मरने के लिए छोड़ देती है। आपदा विभाग पिछले 20 सालों में भी बाढ़ से निजात दिलाने में असमर्थ रहा है।
वीआईपी पार्टी की उपलब्धियां
सहनी ने अपने कार्यकाल के दौरान वीआईपी पार्टी की उपलब्धियों का जिक्र कर कहा कि जब उनकी पार्टी को सरकार में काम करने का मौका मिला, तो कुछ ही महीनों में पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े कई लंबित कार्य पूरे किए गए। हालांकि, आज मछुआरों के लिए तालाब आवंटन और मछलियों की बिक्री के लिए बाजार की सुविधा नहीं है, जिससे निषाद समाज परेशान है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सरकार में हिस्सेदारी लेकर अपने समाज के लोगों को सशक्त बनाया जाए।
2025 के विधानसभा चुनाव पर फोकस
मुकेश सहनी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और एक मजबूत सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह चुनाव गरीबों, अतिपिछड़ों और वंचितों के अधिकार की लड़ाई है। सहनी ने सभी कार्यकर्ताओं को ‘अपने बलबूते सरकार बनाओ और अधिकार पाओ’ का संकल्प दिलाते हुए निषाद समाज के सपनों को पूरा करने का आह्वान किया।
हर जिले में समीक्षा बैठकें
जानकारी के मुताबिक, मुकेश सहनी हर जिले में रात्रि विश्राम कर पार्टी के जिला पदाधिकारियों से मिलकर बूथ स्तर पर चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि निषाद समाज अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़कर बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए और अपने समाज के हितों की रक्षा कर सके।