ग्राम रक्षा दल के कर्मियों ने बुधवार को प्रदर्शन किया था।
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ग्राम रक्षा दल के सेवकों का कार्यकाल पांच साल का ही था और इनके समायोजन का कोई प्रस्ताव सरकार के पास लंबित नहीं है…बिहार विधानसभा में यह जवाब सुनते ही सत्ताधारी विधायक ने ही राज्य सरकार को घेर लिया। पूरक प्रश्न के रूप में विधायक राजेश कुमार ने कहा कि जब 2005 में यह अवधि खत्म हो गई तो 2015 या 2020 के कोरोना काल में ही सरकारी पत्रों के जरिए इनसे काम कैसे लिया गया?
मंत्री ने दिखवा लेने का भरोसा दिया, लेकिन विधायक ने फिर कहा कि दिखवा लेने और करने में अंतर होता है। सवाल-जवाब में दूसरे विधायक का भी पूरक प्रश्न आ गया और बीच का रास्ता निकालते हुए गुरुवार शाम सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद सरकार के स्तर पर बैठक करने और इन विधायकों को भी इसमें बुलाने का आश्वासन मंत्री को देना पड़ गया।
2005 तक ग्राम सेवक थे और उसके बाद भी इनसे काम लिया जाता रहा
इसके बाद महागठबंधन के ही विधायक ने कहा कि कहा कि मैं तीन टर्म मुखिया रहा। 2005 तक ग्राम सेवक थे और उसके बाद भी इनसे काम लिया जाता रहा। इन्हें रखा जाना चाहिए। जब सरकार पंचायत सरकार भवन बना रही है और पंचायतों को मजबूत कर रही है तो कई तरह का काम इनसे लिया जा सकता है। कोराेना काल में भी काम लिया गया। मंत्री ने कहा कि आज सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद इसपर पार्टी के नेताओं से भी बात करेंगे।