शीतकालीन सत्र के पहले दिन बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने विधानसभा परिसर में भाजपा पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा वाले हकबका गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह के आने से हमलोगों को ही फायदा हो रहा है। उनको बोलना क्या था और बोल किया दिए। हमलोग चाहते हैं कि वह बार-बार बिहार आएं। तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा वाले बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। यह लोग रोज़ एक ही बात करते हैं। राज्य में लाखों नौकरी दी गई। अन्य राज्यों में भी भी ऐसी नौकरी की मांग होने लगी है। इतिहासिक कार्य हो रहा हैं तो किस बात का इस्तीफा दिया जाए। यह लोग कुछ भी बोलते हैं।
वह किस आधार पर कह रहे हैं जातियों का आंकड़ा बढ़ा दिया गया
जाति आधारित गणना में यादव और मुस्लिमों की संख्या बढ़वाने के नाम पर कहा कि क्या यादव पिछड़ा नहीं है? वह किस आधार पर कह रहे हैं जातियों का आंकड़ा बढ़ा दिया गया या घटा दिया गया? केवल अनुमानित आधार है उनका। हमारे पास तो साइंटफिट डाटा हैं। उन के पास कौन सा आधार हैं। तेजस्वी यादव ने पूछा कि बढ़वाना होता तो नीतीश जी कुर्मी जाति को बढ़ा देते। भाजपा के लोग हकबका गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह आ रहे हैं उस से हमही को फायदा होगा। उनको बोलना क्या हैं और बोल क्या देते हैं उनको भी पता नहीं चलता।
विजय चौधरी बोले- भाजपा वालों में मानसिक बेचैनी दिख रही है
बिहार सरकार के वित्त मंत्री और सीएम नीतीश कुमार के करीबी विजय चौधरी ने कहा कि अगर आप किसी दूसरे को उपदेश या सुझाव दे रहे हैं, वह आप अपने पर लागू कर लीजिए। जब सर्वदलीय बैठक हुई थी, उसमें कोई ऐसी बात नहीं आई थी। गृह मंत्री अमित शाह ने आरोप लगाया कि किसी जाति की संख्या बढ़ा दी गई और किसी की संख्या घटा दी गई। यह सब आरोप गलत है। अगर प्रमाण हो तो बताइए। शिक्षक भर्ती परीक्षा के सवाल पर विजय चौधरी ने कहा कि अगर गड़बड़ी हुई तो बताइए न कि क्या गड़बड़ी और धांधली हुई? यह भाजपा वाले बता नहीं रहे। यह कहीं न कहीं से मानसिक बेचैनी को दर्शाता हो। चाहे जातीय गणना या फिर शिक्षक भर्ती परीक्षा हो, सब में वह बिना किसी तथ्य और प्रमाण के आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उनलोगों की बेचैनी को दर्शाता है।