पीएमसीएच का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
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जानिए मरीजों के लिए क्या-क्या हैं सुविधाएं
पीएमसीएच की सुविधाओं के संबंध में अस्पताल अधीक्षक का कहना है कि पीएमसीएच को 5462 बेड का विश्व स्तरीय अस्पताल बनाया जा रहा है। अभी यहां 1080 बेड की व्यवस्था है, जबकि अगले साल तक यहां 2250 बेड की सुविधा बहाल हो जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवनिर्माण के उद्घाटन के साथ-साथ कैंपस में 250 करोड़ की लागत से ग्रीन पावर ग्रिड का भी शिलान्यास किया।
पार्किंग की होगी विशेष सुविधा
पुराने ओपीडी को नए भवन में शिफ्ट किया जाएगा। नये ओपीडी में काफी अधिक जगह है, जिस वजह से उसमें मरीजों और परिजनों को दिक्कत नहीं होगी। नए बिल्डिंग में मरीजों को पेयजल और वॉशरूम की विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही वाहनों को पार्क करने के लिए मल्टी लेवल पार्किंग बनाये जा रहे हैं, जिसमें 2800 वाहनों को पार्क किया जा सकेगा।
जल्द शुरू होगा तीसरे चरण का काम
अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि पटना चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के पुनर्विकास परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण कार्य मार्च 2024 में शुरू हो जायेगा । इसके साथ ही तीसरे चरण का निर्माण कार्य भी जल्द ही शुरू किया जाएगा ताकि पुनर्विकास परियोजना को तेजी से पूरा किया जा सके।
अस्पताल भवन के छत पर बनेगा हेलीपैड
अस्पताल भवन के छत पर एयर एंबुलेंस के लिए हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। इसे देश के सबसे बड़े अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है। पुनर्विकसित परियोजना के तहत पी०एम०सी०एच० को आधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इसलिए प्रदेश भर के मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए 5462 बेड का अस्पताल बनाया जा रहा है जिसकी कुल लागत लगभग 5540 करोड़ रुपये है।