बिहार के मुंगेर में भाजपा नेता अरुण यादव द्वारा पत्नी की गोली मारकर हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। आरंभिक खबरों में कहा गया था कि पति पत्नी दोनों ने एक दूसरे को गोली मारी थी। लेकिन जांच में पत्नी की हत्या व खुदकुशी के इस हैरान करने वाले मामले में बड़ा राजफाश हुआ है।
16 जून को मुंगेर में भाजपा नेता अरुण यादव ने मेयर प्रत्याशी पत्नी प्रीति कुमारी की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुदकुशी कर ली थी। मामले में पहले कहा गया था कि दोनों ने एक दूसरे को गोली मारी इससे उनकी मौत हो गई। अब जांच में पता चला है कि अरुण यादव की पत्नी प्रीति कुमारी मुंगेर में मेयर पद की प्रबल दावेदार थी। यादव दंपती कुछ दिनों पूर्व पटना गए थे, वहां प्रीति का इलाज चल रहा था। वहां से लौटने पर प्रीति कुमारी यादव थकी हुई थीं। इस कारण उसने तत्काल प्रचार करने जाने से इनकार कर दिया था। बस इसी बात से अरुण यादव आग बबूला हो गए और उन्होंने पत्नी को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद यादव ने भी खुदकुशी कर ली।
गोली की आवाज सुन भीड़ उमड़ी
यह सनसनीखेज घटना मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाल दरवाजा मोहल्ले की है। 16 जून को यहां अचानक भाजपा नेता अरुण यादव के घर से गोली चलने की आवाज आई। यह सुनकर लोग दहशत में आ गए। देखते देखते उनके घर पर भीड़ जमा हो गई। लोगों ने अंदर जाकर देखा तो बेडरूम अंदर से बंद था। खिड़की से झांका तो अंदर यादव दंपती के खून से सने शव पड़े थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा।
भाजपा ओबीसी मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष थे यादव
मृत अरुण यादव भाजपा के मुंगेर ओबीसी मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष थे। जबकि उनकी पत्नी प्रीति कुमारी मुंगेर नगर निगम चुनाव में मेयर पद की प्रबल दावेदार थीं। दंपती ने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। अरुण यादव के पिता फुलेश्वर यादव के अनुसार बेगूसराय की प्रीति कुमारी से अरुण यादव की शादी चार साल पहले हुई थी। दोनों की कोई संतान नहीं थी। इसीलिए अरुण यादव पत्नी का इलाज कराने पटना जाते थे।
पुलिस ने घटनास्थल से 2 देसी कट्टे और एक खोखा बरामद किया। भागलपुर से एफएसएल की टीम ने मौके पर पहुंच घटनास्थल से सैंपल लिए हैं। मामले की जांच जारी है। अरुण यादव पूर्व में कुख्यात अपराधी था। उसके खिलाफ हत्या और जमीनों पर कब्जे के कई मामले दर्ज थे। वह अभी जमानत पर था।