नई कारों में कई तरह के सेफ्टी फीचर्स को दिया जाता है। इनमें से एक फीचर के तौर पर एयरबैग को दिया जाता है। क्या ज्यादा एयरबैग वाली कारें ज्यादा सुरक्षित होती है। आइए जानते हैं।
कारों को लगातार सुरक्षित बनाने के लिए कार निर्माताओं की ओर से कई फीचर्स को जोड़ा जा रहा है। ऐसे ही कई कारों में कंपनियों की ओर से एयरबैग्स को दिया जाता है। कुछ कारों में कंपनियां दो से ज्यादा एयरबैग ऑफर करती हैं। क्या ज्यादा एयरबैग होने के कारण यात्री ज्यादा सुरक्षित हो जाते हैं। हम इसकी जानकारी आपको इस खबर में दे रहे हैं।
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- फोटो : सोशल मीडिया
मिल रहे नए फीचर्स
वाहन निर्माताओं की ओर से कारों को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कई तरह के सेफ्टी फीचर्स को नई कारों में ऑफर किया जा रहा है। पहले के मुकाबले आज की कारों में एडीएएस, एबीएस, ईबीडी, एचएसी, वीएसएम जैसे कई सेफ्टी फीचर्स को दिया जाने लगा है। इसी क्रम में अब कंपनियां अपनी कई कारों में दो से ज्यादा एयरबैग देने लगी हैं।
साइरस मिस्त्री की कार हुई क्षतिग्रस्त
- फोटो : सोशल मीडिया
बढ़ता है खतरा
कार में एयरबैग्स को डैशबोर्ड, स्टेयरिंग, सीट्स में दिया जाता है। हादसे के समय कार में सवार लोगों को आगे की ओर झटका लगता है। ऐसे में अगर एयरबैग्स नहीं हों तो ड्राइवर का मुंह और सिर स्टेयरिंग से और सहयात्री को डैशबोर्ड और साइड से चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार यह चोट इतनी ज्यादा होती है कि किसी भी व्यक्ति की जान भी जा सकती है। पिछले साल ऐसे ही सड़क हादसे में सायरस मिस्त्री की मौत भी हुई थी।
कैसे करते हैं काम
किसी भी कार में एयरबैग तब खुलते हैं जब कार दुर्घटनाग्रस्त हो जाती है। हादसे के समय लगने वाले जोरदार झटके से एयरबैग यात्रियों की छाती, चेहरे और सिर को सुरक्षा देता है। सामान्य शब्दों में इसका काम डैशबोर्ड, स्टेयरिंग और शीशे के बीच ऐसी गद्देदार दीवार बना देता है जिससे गंभीर चोट लगने का खतरा कम हो जाता है।
क्या कहते हैं आंकड़ें
एमओआरटीएच के आंकड़ों के अनुसार, दोपहिया दुर्घटना में होने वाली 70% मौतों में पीड़ितों को हेलमेट नहीं पहने पाया गया और 87% कार दुर्घटना में हुई मौतों में पीड़ितों को सीट बेल्ट नहीं पहने पाया गया। अफसोस की बात है कि 96% कार यात्री पिछली सीट पर सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं।
ज्यादा एयरबैग से मिलती है ज्यादा सुरक्षा?
कार में ज्यादा एयरबैग होने से ही सिर्फ सुरक्षा नहीं बढ़ती। अगर हम एयरबैग वाली कार में सीटबेल्ट नहीं लगाते हैं तो भी हादसे के समय एयरबैग नहीं खुलते। वहीं ज्यादा एयरबैग होने वाली कार की बिल्ड क्वालिटी भी बेहतर नहीं है तो भी कार सवार की सुरक्षा कम होती है। लेटिन एनसीएपी की ओर से हाल में ही एक कार का टेस्ट किया गया। जिसमें सेफ्टी के लिए छह एयरबैग दिए गए थे। लेकिन उस कार ने क्रैश टेस्ट में सिर्फ तीन अंक हासिल किए। जबकि कई कारों में कम एयरबैग के बाद भी बेहतर बिल्ड क्वालिटी के कारण क्रैश टेस्ट में ज्यादा अंक मिल चुके हैं।