कनाडा के दो बड़े पेंशन फंडों ने इस सप्ताह भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना ट्रस्ट (NHIT) (नेशनल हाईवे इंफ्रा ट्रस्ट) में कुल 595 मिलियन कनाडाई डॉलर (438.3 मिलियन डॉलर) (लगभग 36.45 अरब रुपये) का निवेश किया। इसके साथ उन्होंने चुनाव में जा रहे भारत के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचा क्षेत्र पर अपना दांव लगाया।
भारतीय सरकार द्वारा समर्थित इस ट्रस्ट में, नेशनल हाईवे के विकास के लिए, कनाडा पेंशन योजना निवेश बोर्ड और ओंटारियो शिक्षक पेंशन योजना बोर्ड ने क्रमशः 297 मिलियन कनाडाई डॉलर और 298 मिलियन कनाडाई डॉलर का निवेश किया। जैसा कि फंडों ने मंगलवार और बुधवार को अलग-अलग बयानों में कहा।
यह निवेश ऐसे समय में हुआ है, जब भारत में अगले महीने आम चुनाव शुरू हो रहे हैं। वहां चुनाव पूर्व सरकारी खर्च में लगातार तेजी देखी जा रही है। जिसका लाभ सीमेंट, वायरिंग और रियल्टी जैसे क्षेत्रों की निर्माण कंपनियों को मिल रहा है।
भारत रेटिंग एंड रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि दिसंबर 2023 को समाप्त तिमाही में कुल निविदाओं की तुलना में सड़क से संबंधित परियोजनाओं का हिस्सा 40 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत हो गया है, जो आदेशों का सबसे बड़ा हिस्सा है।
ओंटारियो शिक्षकों ने कहा कि पूंजी जुटाने से हासिल आय का इस्तेमाल मध्य, पूर्वी और दक्षिणी भारत में सात सड़क रियायतों को हासिल करने के लिए किया जाएगा। जिससे NHIT का पोर्टफोलियो 15 टोल सड़कों पर परिचालन में विस्तारित होगा।