मोटर वाहन अधिनियम में हाल ही में किए गए संशोधनों के अनुरूप और अन्य राज्यों में इसी तरह की पहलों से प्रेरित होकर यह नीति पुराने, अत्यधिक प्रदूषणकारी वाहनों को स्वैच्छिक रूप से स्क्रैप करने को प्रोत्साहित करने के लिए इंसेंटिव देगी। यह पहल वाहन बेड़े आधुनिकीकरण के व्यापक ढांचे के अंतर्गत आती है, जिसका उद्देश्य तेलंगाना में स्वच्छ और सुरक्षित सड़कों को बढ़ावा देना है।
नीति के एक भाग के रूप में, वाहन मालिक दो मुख्य प्रोत्साहनों का लाभ उठा सकते हैं: मोटर वाहन कर रियायत, जिसका उपयोग वो लोग करेंगे जो अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करेंगे और नए वाहन खरीदेंगे। वे जमा प्रमाणपत्र जमा करने पर टैक्स में छूट और पेनाल्टी और टैक्स पर छूट के लिए पात्र होंगे। जिसमें नीति अधिसूचना के दो साल के भीतर स्वेच्छा से स्क्रैप किए गए वाहनों को विशिष्ट पेनाल्टी और टैक्स पर छूट मिलेगी।
इसके अलावा, सरकार ने स्क्रैप किए जा रहे वाहनों के लिए बकाया ग्रीन टैक्स (हरित करों) और ओवरड्यू क्वाटर्ली टैक्स (अतिदेय तिमाही करों) पर जुर्माने में छूट का एलान किया है।
1 लाख से 5 लाख रुपये तक की कीमत वाले दोपहिया वाहनों के लिए टैक्स रियायत 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक होगी। 5 लाख रुपये से कम कीमत वाले और 20 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले चार पहिया वाहनों के लिए टैक्स रियायत 10,000 रुपये से 50,000 रुपये तक होगी।
हालांकि सरकार 1 जनवरी, 2025 को लॉन्च की तारीख तय कर रही है। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आवश्यक बुनियादी ढांचे, जैसे कि पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधाएं (आरवीएसएफ) और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) की स्थापना की अनुमति देने के लिए अप्रैल 2025 तक संभावित देरी की उम्मीद है।
इस पहल का समर्थन करने के लिए, राज्य भर में 37 ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (एटीएस) की स्थापना के लिए 296 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। जिनमें से चार स्टेशन हैदराबाद के लिए योजनाबद्ध हैं।