अक्सर दूसरों की कार से बेहतर दिखाने के लिए लोग अपनी कार में मोडिफिकेशन करवाते हैं। लेकिन इस कारण कई बार पुलिस रोकती है और कई बार चालान भी कट जाता है। जिससे लोग परेशान होते हैं। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि कार में किस तरह के मोडिफिकेशन करवाने से बचना चाहिए।
क्यों ना करवाएं मोडिफिकेशन
सभी को अपनी कार दूसरों की कार से बेहतर करने का शौक होता है। इस कारण कुछ लोग काफी ज्यादा मोडिफिकेशन अपनी कार में करवाते हैं। जो कई बार परेशानी का कारण बन जाती है। कार कंपनियों की ओर से सभी कारों में जरूरत के फीचर्स आदि दिए जाते हैं। लेकिन ज्यादा मोडिफिकेशन करवाने पर पुलिस भी चालान काट सकती है।
यह भी पढ़ें -
Car Number Plate Meaning: वाहनों की नंबर प्लेट के रंग में छिपा होता है बड़ा राज, क्या जानते हैं आप
बुल बार या बुल गार्ड लगाना
कार कंपनियों की ओर से किसी भी कार में बुल बार या बुल गार्ड को लगाकर नहीं दिया जाता। बल्कि एक्सेसरीज के तौर पर लोग इन्हें आफ्टर मार्केट या शोरुम से लगवाते हैं। लेकिन इनसे भी नियमों का उल्लंघन होता है साथ ही यह सुरक्षा से ज्यादा आपकी कार के साथ ही दूसरे लोगों को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। दरअसल, इन्हें किसी भी कार की चेसिस पर लगाया जाता है और टक्कर होने पर इससे बचाव की जगह कार के चेसिस को नुकसान हो सकता है, जिसे ठीक करवाना ज्यादा खर्चीला भी हो सकता है।
यह भी पढ़ें -
EV Crash Test: भारतीय EV कितनी सुरक्षित हैं, जानें क्रैश टेस्ट में कौन सी इलेक्ट्रिक कार है बेस्ट
प्रैशर हॉर्न का उपयोग
कार कंपनियों की ओर से सरकार के नियमों के मुताबिक वाहन में हॉर्न लगाया जाता है। लेकिन कुछ लोग कंपनी से लगा हॉर्न हटवाकर अपनी पसंद से ज्यादा तेज हॉर्न या प्रैशर हॉर्न को लगा लेते हैं। ऐसे हॉर्न के कारण सड़क पर चलने वाले दूसरे वाहन चालकों को तो परेशानी होती ही है साथ ही इससे नियमों का उल्लंघन भी होता है। कई बार पुलिस की ओर से ऐसे हॉर्न का उपयोग करने वालों का चालान काटा जाता है।
यह भी पढ़ें -
How To Check Oil Level: अपनी कार को बड़े नुकसान से बचाएं, जानें इंजन ऑयल चेक करने का सही तरीका
सामान्य से बड़े टायर लगाना
कुछ लोग अपनी कार में आने वाले टायर के साइज से बड़े साइज और चौड़े टायर लगवाते हैं। एक ओर तो इन्हें लगवाने पर चालान भी हो सकता है वहीं दूसरी ओर इनके कारण वाहन का एवरेज काफी कम हो जाता है। जिससे ओनर का अनावश्यक तौर पर खर्च बढ़ता है।
यह भी पढ़ें -
Car Suspension: कार का सस्पेंशन कभी नहीं होगा खराब, जानें फिट रखने का सही तरीका
ग्रिल में बदलाव करना
कार कंपनियों की ओर से हर कार में सभी टेस्ट के बाद ही डिजाइन को फाइनल किया जाता है। लेकिन कुछ लोग कार की फ्रंट ग्रिल को बदलकर दूसरी ग्रिल लगवा कर डिजाइन में बदलाव करते हैं। फ्रंट ग्रिल बदलने के कारण कार के इंजन तक जरूरी मात्रा में हवा नहीं जा पाती, जिससे इंजन को ज्यादा क्षमता के साथ काम करना पढ़ता है। इससे कार का एवरेज तो कम होता ही है साथ ही इंजन के पार्ट्स भी जल्दी घिसते हैं।
यह भी पढ़ें -
Airbag In Old Car: क्या पुरानी कार में लग सकता है एयरबैग? जानें कितना है सुरक्षित और कितना आएगा खर्च