दिसंबर का महीना यानि छुट्टियों का महीना। इस महीने में क्रिसमस और न्यू ईयर के कारण लोगों को घूमने का अच्छा मौका मिल जाता है। कुछ लोग फ्लाइट्स, ट्रेन से जाते हैं तो कुछ को अपनी कार में जाना काफी पसंद होता है। जो लोग अपनी कार से घूमने जाते हैं उन्हें हम इस खबर में कुछ बातों की जानकारी दे रहे हैं। जिनका ध्यान रखने पर सफर के दौरान हादसों से बचा जा सकता है।
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कार की सेहत सही होना जरूरी
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- फोटो : सोशल मीडिया
कार से लंबे सफर पर जाने से पहले हमेशा कार की सेहत का सही होना जरूरी होता है। अगर ऐसा ना हो तो बीच सफर कार के खराब होने पर परेशानी होती ही है लेकिन खराब कार के कारण हादसा होने का खतरा भी ज्यादा हो जाता है।
कार में सिर्फ इंजन ऑयल ही जरूरी नहीं होता बल्कि कई तरह के ऑयल कार में उपयोग किए जाते हैं। इनमें गियर ऑयल, ब्रेक ऑयल और कूलेंट भी शामिल होते हैं। लंबे सफर से पहले हमेशा कार के इंजन ऑयल, ब्रेक ऑयल, गियर ऑयल और कूलेंट को चेक करना जरूरी होता है।
शहरी ट्रैफिक में कई बार लापरवाही के कारण कार की लाइट्स टूट जाती हैं या फिर खराब हो जाती हैं। लेकिन हम उन्हें ऐसे ही चलाते हैं पर लंबे सफर पर जानें से पहले हमेशा कार की लाइट्स का सही तरीके से काम करना जरूरी होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि शहरी ट्रैफिक में कार चलाने के मुकाबले हाइवे पर कार को स्पीड में चलाया जाता है। ऐसे में लाइट्स सही से काम ना करें तो दूसरे वाहनों को हमारी मौजूदगी की जानकारी नहीं मिल पाती और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है।
देश में सर्दियों के दौरान धुंध पड़ती है। ऐसे में कार की सामान्य लाइट्स काम नहीं करतीं। इसलिए अगर किसी ऐसी जगह जा रहे हैं जहां पर ज्यादा धुंध के कारण विजिबिलिटी नहीं होती तो कार में फॉग लाइट्स लगवाना बेहतर होगा। इससे सड़क पर वाहन चलाने में आसानी होगी और हादसे का खतरा भी कम होगा।
कार के लिए जितने जरूरी ऑयल और लाइट्स होती हैं। उतने जरूरी ब्रेक भी होते हैं। हाइवे पर स्पीड में वाहन चलाए जाते हैं। अगर किसी कारण से अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत पड़ जाए और ब्रेक सही से काम ना करें तो हादसा होना तय होता है। इसलिए जब भी कार से कोई ट्रिप प्लान करें तो हमेशा कार के ब्रेक को चेक करवाएं। अगर ब्रेक पैड खराब होने वाले हों तो उन्हें तुरंत बदलवा दें।
सड़क पर कार चलाने के दौरान सबसे ज्यादा असर कार के टायरों पर होता है। अगर कार के टायर कटे हुए हों या फिर ज्यादा पुराने होने के कारण सूख जाएं तो ऐसे टायरों को बदल देना ही समझदारी होती है। ऐसे टायरों के साथ लंबे सफर पर निकलना खुद हादसे को न्यौता देना होता है। पुराने या खराब टायर तेज स्पीड में चलने पर फट भी सकते हैं जिससे हादसा होने का खतरा होता है।
लंबे सफर पर कार से जाने से पहले हमेशा कुछ दवाइयों को रखना बेहतर होता है। सफर के दौरान किसी को उल्टी आएं या फिर अन्य यात्रियों को किसी कारण से चोट लग जाए तो दवाईयां साथ होने से तुरंत उपचार किया जा सकता है।