एसयूवी की बात करें तो इसका साइज बड़ा होता है। इस कार में ग्राउंड क्लीयरेंस भी काफी ऊंचा होता है। इस कार में सीटिंग सिस्टम भी थोड़ा ऊंचा होता है। साथ ही कार के केबिन में सवारियों को ज्यादा स्पेस मिलता है। एसयूवी कॉम्पैक्ट साइज, एसयूवी मिडसाइज और फुली एसयूवी की श्रेणी में आती है।
वहीं, सेडान कार एक अलग क्लास के साथ आती है। सेडान में कम ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है। मगर फिर यह कार बेहतर फ्यूल मैनेजमेंट के साथ आती है। इसका स्टाइलिश लुक और ऐरोडॉयमिक एफिशियंसी इसे अलग श्रेणी में रखती है। इसमें भी कॉम्पैक्ट से लेकर फुल साइज तक का विकल्प मिलता है।
एसयूवी कार जहां लोगों को कई विकल्प देती है। वहीं, सेडान स्पोर्टी परफॉर्मेंस की वजह से लोगों की पसंद बनती है। हालांकि, इसमें इंजन की क्षमता और साइज काफी हद तक नजर में रहता है। एसयूवी का साइज बड़ा होता है, ऐसे में इस कार की हैंडलिंग थोड़ी कठिन होती है। एसयूवी में ज्यादा रिजिड सस्पेंशन मिलता है तो वहीं, सेडान में स्मूथ राइडिंग अनुभव मिलता है। मगर कठिन या फिर टूटे-फूटे रास्तों पर एसयूवी बेहतर ढंग से चलती है, क्योंकि इसमें अच्छा ग्राउंड क्लीयरेंस मिलता है।
नई कार लेते वक्त उसमें मिलने वाली सुरक्षा काफी मायने रखती है। गाड़ी की बिल्ड क्वालिटी काफी हद तक कार को सुरक्षा देने में अहम भूमिका निभाती है। मगर कार के साइज और सेफ्टी रेटिंग भी काफी जरूरी होती है। एसयूवी और सेडान दोनों ही कारों में सुरक्षा के लिए कई फीचर्स मिलते हैं, जैसे- एयरबैग्स और टीपीएमएस आदि। मगर फिर भी एसयूवी कार सुरक्षा के मामले में थोड़ी आगे रहती है। अगर आप हाइवे या किसी लंबे सफर पर अक्सर जाते हैं तो एसयूवी बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं, सेडान शहरों में राइडिंग करने के लिए अच्छा ऑप्शन साबित होती है। मगर इसके बाद भी काफी लोग शहरों में गाड़ी चलाने के लिए भी एसयूवी की ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं।