टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच बने भरत अरुण की नियुक्ति पर सौरव गांगुली ने साधी चुप्पी
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क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) के तीन सदस्यों में से एक पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने भरत अरुण को 2019 आईसीसी वर्ल्ड कप तक के लिए टीम इंडिया का गेंदबाजी कोच बनाए जाने पर किसी भी प्रकार की टिपण्णी करने से इंकार कर दिया।
गांगुली ने कहा, 'इस मामले में पहले ही बहुत कुछ कहा जा चुका है। मैं इस पर कुछ भी नहीं कहना चाहता।' अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के साथ गांगुली ने पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान को गेंदबाजी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया था।
गांगुली ने कुछ दिनों पहले साफ कहा था कि इंटरनेशनल क्रिकेट में 610 विकेट लेने वाले जहीर साल में 150 दिन भारतीय टीम के साथ काम करेंगे। महान भारतीय बल्लेबाज राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों पर बतौर बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त किया था।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने कहा कि वो जहीर और द्रविड़ के मामले पर किसी फैसले तक नहीं पहुंचे हैं। टीम इंडिया के नए कोच रवि शस्त्री पर दबाव रहेगा। उन्हें 26 जुलाई से टीम इंडिया के श्रीलंका दौरे पर अपनी उपयोगिता साबित करना होगी।
वैसे अरुण को गेंदबाजी कोच नियुक्त करने के अलावा बोर्ड ने संजय बांगर को बल्लेबाजी कोच से सहायक कोच बनाया जबकि आर श्रीधर को फील्डिंग कोच के रूप में बरकरार रखा।
बहरहाल, सौरव गांगुली की चुप्पी बोर्ड के अंदर चल रही उथल-पुथल को बयां कर रही है। हाल ही में रामचंद्र गुहा ने द्रविड़, जहीर और कुंबले के बाहर होने को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया था। उन्होंने कहा था कि ये तीनों खिलाड़ी महान है और इस तरह से इनकी बेइज्जती करने का किसी को अधिकार नहीं है।
इसके बाद कई पूर्व क्रिकेटरों ने जहीर, कुंबले और द्रविड़ को हटाए जाने पर बोर्ड के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया था।