यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार तड़के कहा कि उन्होंने इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक आतंकवादी समूह के साथ एक संयुक्त सैन्य अभियान चलाया था, जिसमें इस्राइल के उत्तरी हाइफा बंदरगाह पर चार जहाजों को निशाना बनाया गया था।
ईरान के हूती विद्रोहियों का लाल सागर में जहाजों को निशाना बनाने का मामला ठंडा नहीं पड़ रहा है। अमेरिका समेत 13 देशों के अंतिम चेतावनी के बाद भी विद्रोहियों ने उत्तरी लाल सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत आइजनहावर को निशाना बनाया। उसने पोत पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इसके अलावा, हूती विद्रोहियों ने रविवार को दावा किया कि उसने इस्राइल के उत्तरी हाइफा बंदरगाह पर चार जहाजों को निशाना बनाया था।
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कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों से किया हमला
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता याह्या सारेया ने शनिवार को दावा किया कि उसके सशस्त्र बलों ने एक अभियान चलाकर आइजनहावर को निशाना बनाया। सारेया ने कहा, 'हमारे सशस्त्र बलों के मिसाइल बल ने उत्तरी लाल सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत आइजनहावर को कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ निशाना बनाते हुए एक अभियान चलाया और अभियान ने सफलतापूर्वक अपने लक्ष्यों को हासिल किया।'
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल इस बात की पुष्टि करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि विमानवाहक पोत पर वास्तव में हमला हुआ या नहीं। यह हूतियों द्वारा लाल सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत आइजनहावर को निशाना बनाकर एक महीने से भी कम समय में किया गया दूसरा हमला है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाले इस विमानवाहक पोत पर पहला हमला 31 मई को हुआ था, जिस पर अमेरिकी सेना ने कोई टिप्पणी नहीं की थी।
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इस्राइली बंदरगाहों में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने का जवाब
सारेया ने कहा कि उग्रवादी समूह ने अरब सागर में व्यापारिक जहाज ट्रांसवर्ल्ड नेविगेटर पर भी बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया, जो कि हूतियों के अनुसार जहाज के मालिक द्वारा इस्राइली बंदरगाहों में प्रवेश पर लगे प्रतिबंध का उल्लंघन करने के जवाब में किया गया।
चार जहाजों को निशाना बनाया
यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार तड़के कहा कि उन्होंने इस्लामिक रेसिस्टेंस इन इराक आतंकवादी समूह के साथ एक संयुक्त सैन्य अभियान चलाया था, जिसमें इस्राइल के उत्तरी हाइफा बंदरगाह पर चार जहाजों को निशाना बनाया गया था।
याह्या सारेया ने कहा कि दोनों समूहों ने शनिवार को हाइफा बंदरगाह पर सीमेंट के दो टैंकरों और दो मालवाहक जहाजों पर ड्रोन हमला किया। उन्होंने कहा कि जहाज उन कंपनियों के थे जिन्होंने कब्जे वाले फलस्तीन के बंदरगाहों में प्रवेश करने पर प्रतिबंध का उल्लंघन किया था।