ब्रिटेन में आम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है, लेकिन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। पहले ही वह विभिन्न सर्वेक्षणों में विपक्षी लेबर पार्टी से पीछे चल रहे हैं और कई नेता चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। अब चुनाव की तारीख पर सट्टा लगाने के मामले में भी पीएम सुनक और उनकी कंजर्वेटिव पार्टी फिर आलोचकों के निशाने पर आ गई है।
उल्लेखनीय है कि ब्रिटेन में चुनाव की तारीख का एलान होने से पहले उस संभावित तारीख पर सट्टा लगाने का खुलासा हुआ है, जिसमें कंजर्वेटिव पार्टी के कई नेताओं का नाम है और उनके खिलाफ ब्रिटेन का जुआ नियामक जांच कर रहा है। अब कंजर्वेटिव पार्टी के एक और अधिकारी के खिलाफ इस मामले में आरोप लगे हैं और उनके खिलाफ जांच शुरू हो गई है। इस अधिकारी का नाम निक मेसन है और यह कंजर्वेटिव पार्टी का मुख्य डेटा अधिकारी है। मेसन से पहले कंजर्वेटिव पार्टी के दो उम्मीदवार और प्रचार निदेशक के खिलाफ भी 4 जुलाई को होने वाले चुनाव की तारीख पर सट्टा लगाने के मामले में जांच चल रही है।
सुनक ने जताई नाराजगी
चुनाव की तारीख पर सट्टा लगाने के मामले में पार्टी की किरकिरी होने पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले से बेहद गुस्से में हैं और उन्होंने इसे वास्तव में गंभीर मामला बताया। पार्टी के एक उम्मीदवार क्रेग विलियम्स पहले ही अपनी गलती के लिए माफी मांग चुके हैं। पार्टी के चुनाव प्रचार निदेशक भी आरोप लगने के बाद छुट्टी पर चले गए हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा में तैनात एक पुलिस अधिकारी को भी इस मामले में कथित तौर पर गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ मंत्री ने पार्टीगेट से की तुलना
ब्रिटिश सरकार के वरिष्ठ मंत्री माइकल गोव ने भी चुनाव तारीख पर सट्टे के मामले पर निराशा जाहिर की और उसकी तुलना पार्टीगेट स्कैंडल से की। बता दें कि कोरोनाकाल के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री आवास में पार्टियां होने का खुलासा हुआ था। इसके चलते तत्कालीन पीएम बोरिस जॉनसन की खूब फजीहत हुई थी और उन्हें पीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। गौरतलब है कि ब्रिटेन में चुनाव की तारीख पर सट्टा लगाने की अनुमति है, लेकिन इसके लिए अंदरुनी जानकारी का इस्तेमाल करना कानून के खिलाफ है। यही वजह है कि सरकार से जुड़े लोगों के खिलाफ आरोप लगने से सरकार घिर गई है।