बलूचिस्तान के ग्वादर में एक हमले में पाकिस्तानी सेना के दो जवान मारे गए हैं। एक अज्ञात बंदूकधारी ने पाकिस्तानी सेना के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें दो सैनिकों की जान चली गई। खबर के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की एक बम डिस्पोजल टीम ग्वादर जिले के अंकारा बांध के इलाके में लैंडमाइंस की जांच कर रही थी, तभी एक अज्ञात बंदूकधारी ने सैनिकों पर फायरिंग कर दी। हमले में दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है और चार अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद पाकिस्तानी सेना ने इलाके की घेराबंदी करके तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पिछले हफ्ते हुए आत्मघाती बम विस्फोट में मास्टरमाइंड समेत कम से कम 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें पांच चीनी नागरिक और उनके पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत हो गई थी। सोमवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
12 से ज्यादा लोगों को किया गिरफ्तार- सीटीडी
एक रिपोर्ट के मुताबिक, खैबर-पख्तूनख्वा काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी), जिसने हमले की जांच शुरू की, ने हमले के लिए प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) आतंकवादी समूह को दोषी ठहराया। हालांकि किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। सीटीडी द्वारा सोमवार को सौंपी गई एक रिपोर्ट में कहा गया कि अधिकारियों द्वारा की गई कई छापेमारी में एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों और हमले से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफान अली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने गुयाना रक्षा बल को दो डोर्नियर 228 विमान सौंपे। विमान दो बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर सैन्य परिवहन विमानों पर सवार होकर रविवार शाम चेड्डी जगन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
नेपाली उप प्रधानमंत्री श्रेष्ठ की चीन के साथ बीआरआई पर चर्चा
नेपाल के उप प्रधानमंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा कि बीआरआई पर चीन के साथ चर्चा नेपाल के हित में है। श्रेष्ठ नेपाल के विदेश मंत्री भी हैं। वे 25 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान चीन की 8 दिनी यात्रा के सोमवार को स्वदेश लौटे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीआरआई योजना के कार्यान्वयन को अंतिम रूप देने के लिए उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ चर्चा की।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नेपाल बीआरआई के तहत चीन से कर्ज और अनुदान दोनों ही लेगा, हालांकि अनुदान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बीआरआई के तहत नेपाल अपनी पसंद के मुताबिक विकास परियोजनाओं का चयन करने के लिए स्वतंत्र है। इस संबंध में अलग-अलग परियोजना को लेकर अलग-अलग बात की जाएगी।