वेबसाइट विकीलिक्स के संस्थापक जुलियन असांजे के समर्थकों का दावा है कि असांजे के खिलाफ चल रहे मुकदमे का अब कोई आधार नहीं बचा है। उनके मुताबिक धोखाधड़ी के आरोप में सजायाफ्ता जिस व्यक्ति की गवाही के आधार पर सारा केस बुना गया था, वह अब अपने पहले के बयान से मुकर गया है। उसने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में ‘यह मान लिया है कि उसने झूठ बोला था।’ अंदेशा रहा है कि असांज को अगर प्रत्यर्पण कार्रवाई के जरिए अमेरिका भेजा गया, तो उन पर जो आरोप लगे हैं, उनके तहत उन्हें 175 वर्ष की कैद सुनाई जा सकती है।
गौरतलब है कि असांजे के खिलाफ एकमात्र गवाह आइसलैंड का नागरिक सिगुरदुर इन्गी थोरदारसन है। वह पहले विकीलीक्स का वॉलिंटियर था। बाद में वह अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई का गवाह बन गया। कुछ रोज पहले उसने आइसलैंड के अखबार स्टंडिन को दिए इंटरव्यू में मंजूर किया था कि उसने आरोप के महत्त्वपूर्ण हिस्सों को फर्जी ढंग से गढ़ा। उसने अखबार से कहा कि असांज ने उसे कभी हैकिंग करने को नहीं कहा था।
अब विश्लेषकों ने ध्यान दिलाया है कि हालांकि लंदन की एक अदालत ने प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी याचिका को मानवीय आधार पर स्वीकार नहीं किया था, लेकिन थोरदारसन की गवाही से संबंधित अमेरिकी दलीलों को उसने सही ठहराया था। कोर्ट ने कहा था कि असांजे और थोरदारसन अपने साझा प्रयास में एक नाटो देश की गुप्त फाइल हैक करने में नाकाम रहे। इस टिप्पणी का आधार थोरदारसन की गवाही ही थी। लेकिन अब थोरदारसन ने कहा है कि उस फाइल को हैक करने का कोई सवाल ही नहीं था, क्योंकि उसे एक बैंक के अंदरूनी ह्विशलब्लोअर ने लीक किया था। साथ ही बहुत से लोग उस फाइल की सूचनाएं पढ़ने की ऑनलाइन कोशिश कर रहे थे।
जानकारों के मुताबिक जिस नाटो देश का जिक्र जज ने किया, वह आइसलैंड है। उस फाइल में वहां के बैंक लैंडबैंकी के कर्ज डिफॉल्टरों की जानकारी थी। उस बैंक के 2008 में फेल हो जाने से आइसलैंड गहरे आर्थिक संकट में फंस गया था।
थोरदारसन ने विकीलिक्स वोलंटियर्स के साथ अपनी चैटिंग की कॉपी भी अखबार को मुहैया कराई है। अखबार कहना है कि इसे पढ़ने के बाद कोई ऐसा संकेत नहीं मिलता कि 2010-11 में विकीलिक्स के भीतर से उसे किसी ने हैकिंग करने को कहा था। अखबार के मुताबिक बातचीत के ब्योरे से सामने यह आता है कि थोरदारसन विकीलिक्स के भीतर अपनी हैसियत बढ़ाने की कोशिश में था। इसके लिए उसने गलत दावा किया कि वह इस संगठन में मुख्य संचार अधिकारी है। गौरतलब है कि 2012 में विकीलिक्स ने थोरदारसन के खिलाफ घोटाले और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज कराया था। उन्हीं आरोपों में उसे आइसलैंड में सजा सुनाई गई।
थोरदारसन का ताजा इंटरव्यू छपने के बाद अमेरिका की नेशनल सिक्युरिटी एजेंसी के पूर्व ह्विशलब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने एक ट्विट में कहा- ‘इसके साथ ही असांजे के खिलाफ मुकदमे का अंत हो जाता है।’ विकीलिक्स ने जो दस्तावेज लीक किए थे, उन्हें ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में प्रकाशित करने वाले पत्रकार ग्लेन ग्रीनवाल्ड ने भी कहा है कि अब ये मुकदमा खत्म कर दिया जाना चाहिए। ग्रीनवाल्ड ने बाद में द गार्जियन अखबार छोड़ दिया था।
जुलियन असांजे दो साल से भी अधिक समय से ब्रिटेन में जेल में हैँ। मूल रूप से ऑस्ट्रेलियाई पत्रकार रहे असांजे पर अमेरिका सरकार ने जासूसी कानून के तहत मुकदमा दायर कर रखा है। गौरतलब है कि विकीलिक्स ने अफगानिस्तान और इराक युद्धों के बारे में ऐसे दस्तावेज प्रकाशित किए थे, जिनके आधार पर अमेरिकी फौज पर युद्ध अपराध करने के आरोप लगे थे।