इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए कोवाक्सिन को जल्द मिल सकती है डब्लयूएचओ से मंजूरी।
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विश्व स्वास्थय संगठन (डब्लयूएचओ) की ओर से भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन कोवाक्सिन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने पर फैसला अक्तूबर महीने में आ सकता है। डब्लयूएचओ में कोवाक्सिन के आकलन की प्रक्रिया जारी है । भारत बायोटेक ने वैक्सीन की मंजूरी के लिए 19 अप्रैल को ही एक्सप्रेशन ऑफ इंटेरेस्ट (इओआई) दिया था।
डब्लयूएचओ की ओर से इस मामले में सबसे ताजा सूचना 29 सितंबर को आई है। संगठन ने अपनी वेबसाईट पर सूचना दी है कि भारत बायोटेक की कोवाक्सिन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने पर फैसला अक्तूबर में लिया जाएगा। डब्लयूएचओ ने बताया कि वह भारत बायोटक की ओर से दी गई जानकारी पर दुबारा से अध्ययन कर रहा है। इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी के लिए दिए गए डेटा को काफी गोपनीय रखा जाता है।
अगर सभी डेटा और सैम्पल जरूरतों और प्रमाणिकताओं पर खड़े उतरते हैं तो इस पर जल्द ही कोई फैसला लिया जा सकता है। यह पूरी प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित कंपनी की ओर से दी गई जानकारी जरूरत के हिसाब से कितनी सही और उपयोगी है।
जून में ही दे दी थी सभी जरूरी जानकारी
भारत में कोवाक्सिन और ऑक्सफोर्ड एस्ट्रेजेनिका की कोवीशाील्ड बड़ी संख्या में उपयोग में ली जाने वाली वैक्सीन है। भारत बायोटेक ने इसी महीने अपने एक ट्वीट में कहा कि इमरजेंसी प्रयोग के मंजूरी के लिए जरूरी सभी जानकारी डब्लयूएचओ को उपलब्ध करवा दी गई है और वो संगठन की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। मंगलवार को भी कंपनी ने कहा कि हम जल्द से जल्द वैक्सीन के इमरजेंसी प्रयोग की मंजूरी के डब्लयूएचओ के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।