अफगानिस्तान के काबुल हवाई अड्डे पर गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के इनपुट से हड़कंप मचा हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उनके राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने शुक्रवार को बताया कि काबुल में एक और आतंकवादी हमला होने की संभावना है और इस मिशन के अगले कुछ दिनों में अमेरिकी, संबद्ध कर्मियों और अफगान भागीदारों को निकालने के लिए 'अब तक का सबसे खतरनाक दौर' होगा।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, 'हमारे लोगों के जाने के बाद, हम काबुल हवाई अड्डा को वापस अफगान लोगों को स्थानांतरित कर देंगे।'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम और क्षेत्र में सैन्य कमांडरों और राजनयिकों के साथ एक स्थिति कक्ष ब्रीफिंग में खतरे की सलाह दी गई है, उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि काबुल हवाई अड्डा पर अधिकतम बल को लगाया गया है और सुरक्षा के सभी उपाय किए जा रहे हैं।
कमांडरों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को इस्लामिक स्टेट-खुरासान के लक्ष्यों को विकसित करने की परिचालन योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी है। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि 'अफगानिस्तान से लोगों को निकालने के मिशन के दौरान अगले कुछ दिन अब तक का सबसे खतरनाक समय होगा।'
बाइडन ने कमांडरों को आश्वस्त करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन को पूरा करने और अमेरिकी सैनिकों की रक्षा करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाए जाने की उनकी मांग को स्वीकृति दी जाती है और सभी ने रिपोर्ट किया है कि उनके पास वे सभी संसाधन मौजूद हैं। कमांडरों का मानना है कि उन्हें प्रभावी ढंग से मिशन को पूरा करने की जरूरत है।'
वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने भी चेतावनी दी है कि काबुल हवाई अड्डे पर फिर आतंकी हमले हो सकते हैं। जिसके बाद एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात अमेरिकी सेना के उच्च स्तर के हाई अलर्ट पर रख दिया गया है। एक दिन पहले ही हुए धमाकों में कम से कम 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इसमें अमेरिकी सेना के 13 जवान भी शामिल हैं।
पेंटागन ने कहा- अभी और हमले संभव
पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि अमेरिका का मानना है कि हवाई अड्डे के खिलाफ अभी भी विशिष्ट, विश्वसनीय खतरे हैं। हम निश्चित रूप से तैयार हैं और भविष्य के प्रयासों की उम्मीद करेंगे। उन्होंने कहा कि हम इन खतरों की निगरानी कर रहे हैं। वास्तविक समय में हमने अपने दल को अलर्ट पर रखा हुआ है। मंगलवार तक अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने की राष्ट्रपति जो बाइडन की समय सीमा से पहले और हमले की आशंका को देखते हुए सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
2011 के बाद अमेरिकी सेना पर सबसे बड़ा हमला
गुरुवार को हुए हमले पर अमेरिका ने कहा कि अगस्त 2011 के बाद से अफगानिस्तान में अमेरिकी सेना के लिए यह सबसे घातक दिन था। जो बाइडन ने इस्लामिक स्टेट समूह को अफगानिस्तान के हमले पर हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया है। अफगानिस्तान में मरने वालों की संख्या बताने वाले अधिकारी ने कहा है कि हमें मानव अवशेष ज्यादा मिल रहे हैं। ऐसे में मरने वाले लोगों की स्पष्ट संख्या बताना अभी मुमकिन नहीं है।
एक आत्मघाती हमलावर ने किया था हमला
पेंटागन ने शुक्रवार को यह भी कहा कि काबुल हवाई अड्डे पर सिर्फ एक आत्मघाती हमलावर ने हमला किया था। पहले आशंका जताई गई थी कि दो हमलावरों ने खुद को एयरपोर्ट के पास उड़ा लिया था। मारे गए 13 अमेरिकी सेवा सदस्यों में 10 मरीन, एक नेवी सेलर और एक सेना का सैनिक शामिल था। अमेरिकी सेना ने उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
अमेरिकी सेना ने बढ़ाई एयरपोर्ट की सुरक्षा
यूएस सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने बम विस्फोटों के बाद कहा कि हम आवश्यकतानुसार फाटकों के बाहर सुरक्षा को समायोजित करेंगे। ऐसी रिपोर्ट है कि अमेरिकी सेना ने तालिबान को अपनी चौकियों का स्थान बदलने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि हथियारों और अन्य खतरों की जांच के लिए फाटकों पर स्क्रीनर्स आवश्यक हैं। मैकेंजी ने कहा, 'किसी को वास्तव में किसी और को आंखों में देखना है और यह तय करना है कि वे अंदर आने के लिए तैयार हैं।'
बाइडन ने दिया बदला लेने का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन काबुल एयरपोर्ट पर हुए हमलों से बेहद गुस्से में हैं। हमलों के बाद गुरुवार को बाइडन ने खुलासा किया कि उन्होंने मिलिट्री कमांडरों को आईएसआईएस-खुरासान की संपत्तियों, नेतृत्व और ठिकानों पर हमला करने के लिए ऑपरेशनल प्लान बनाने का आदेश दिया है। हालांकि उन्होंने समय की जानकारी नहीं दी और कहा कि हम अपने समय पर पूरी ताकत और सटीकता के साथ जवाब देंगे, जिसे हम अपने तरीके से चुनेंगे।