यासीन मलिक के साथ मुशाल हुसैन मलिक (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter
टेरर फंडिंग मामले में यासीन मलिक को उम्रकैद पर पाकिस्तान में रह रही उसकी बीवी ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। यासीन की पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने कहा कि उनकी लड़ाई आखिर तक जारी रहेगी। अदालत के फैसले पर मुशाल ने ट्वीट किया, वे अपने मनचाहे फैसले दे सकते हैं। यह हमें हमारी आजादी के लिए लड़ने से नहीं रोक सकेगा। मैं इस संघर्ष को अंतिम सांस तक जारी रखूंगा और फिर मेरी बेटी इस लड़ाई को जारी रखेगी। हम तब तक पीढ़ियों तक लड़ेंगे जब तक हमें हमारे अधिकार नहीं मिल जाते।
कौन हैं मुशाल
मुशाल पाकिस्तान की चर्चित हस्तियों में से एक हैं और अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती हैं। मुशाल ने हमेशा भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का काम किया है और कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया है। अक्सर सोशल मीडिया पर मुशाल भारत के खिलाफ विवादित राय देती हैं। लंदन से पढ़ी लिखी मुशाल एक मशहूर चित्रकार भी हैं।
मुशाल और यासीन की मुलाकात पहली बार साल 2005 में हुई थी। यासीन कश्मीर के अलगाववादी मूवमेंट के लिए पाकिस्तान का समर्थन मांगने वहां गया था। उसी दौरान यासीन का भाषण सुनने के बाद मुशाल उससे काफी प्रभावित हुई थी। फिर दोनों की मुलाकात होने लगी और यह मुलाकात प्यार में बदल गई।
मुशाल की मां कभी मुस्लिम लीग महिला विंग की महासचिव थीं। मुशाल की मां को नवाज शरीफ का करीबी भी माना जाता है। मुशाल के पिता भी पाकिस्तान की राजनीति में अपने विचारों से सक्रिय रहे हैं। हालांकि वह अर्थशास्त्री थे, लेकिन ऐसा दावा किया जाता है कि उनका उठना-बैठना शरीफ परिवार के लोगों से काफी रहा है।
यासीन को उम्रकैद की सजा
दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत ने आज टेरर फंडिंग मामले में दोषी ठहराए गए कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा मलिक को मृत्युदंड देने की मांग को खारिज कर दिया। पटियाला हाउस स्थित विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने खचाखच भरी अदालत में सुनाए अपने फैसले में यासीन को दो धाराओं में उम्रकैद, एक में 10 वर्ष व एक में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाते हुए उस पर जुर्माना भी लगाया है। अदालत के फैसले के अनुसार सभी सजाए एक साथ चलेगी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि दोषी ने स्वयं अपना अपराध कबूल किया है और उसे मृत्युदंड देने का कोई आधार नहीं है।