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USA: 'अमेरिकी समाज बंट गया है, ऐसा राष्ट्रपति चाहिए, जो इस संतुलित कर सके', प्रोफेसर ने जताई बड़ी चिंता

Wed, 09 Oct 2024 10:37 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

प्रोफेसर ने कहा कि 'अमेरिकी समाज मौजूदा समय में व्यापक स्तर पर बंट गया है और इसे ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है, जो हालात को संतुलित कर सके। अमेरिकी लोग मौजूदा समय में देश में लोकतंत्र को लेकर काफी चिंतित और नाखुश हैं।'
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अमेरिकी प्रोफेसर पारोमिता पेन - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान में अब कुछ ही दिन का समय बचा है। राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस के बीच कड़ा मुकाबला है। इस चुनाव की पूरी दुनिया में खूब चर्चा है। अब अमेरिका की एक प्रोफेसर ने भी चुनाव को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि अमेरिकी समाज मौजूदा समय में व्यापक स्तर पर बंट गया है और इसे ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है, जो हालात को संतुलित कर सके। प्रोफेसर ने कहा कि अमेरिकी लोग मौजूदा समय में देश में लोकतंत्र को लेकर काफी चिंतित और नाखुश हैं।
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अमेरिकी समाज में ध्रुवीकरण हो गया है
यूनिवर्सिटी ऑफ नेवादा में पत्रकारिता की प्रोफेसर पारोमिता पेन ने भारतीय मीडिया को ईमेल के जरिए दिए जवाब में कहा कि 'दोनों उम्मीदवारों (डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस) में नस्ल, रंग और विचारधारा और मुद्दों को देखने के स्तर पर काफी अंतर है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका को इस वक्त ऐसे राष्ट्रपति की जरूरत है, जो हालात को संतुलित कर सके। अमेरिकी समाज में बेशक काफी ज्यादा ध्रुवीकरण है।'

प्रोफेसर ने बताया चुनाव में क्या मुद्दे हैं अहम
पारोमित पेन ने कहा कि 'अमेरिका में अप्रवासियों का मुद्दा भी गरम है। साथ ही गर्भपात, समलैंगिक विवाह और साथ ही जातीय और नस्लीय मुद्दे भी खूब चर्चा में हैं।' पेन के अनुसार, 'महिला स्वास्थ्य अधिकार और अप्रवासन आगामी चुनाव में निर्णायक मुद्दे होंगे। मेलानिया ट्रंप भी महिला स्वास्थ्य अधिकार को अपना समर्थन दे चुकी थीं और ट्रंप ने उनका समर्थन भी किया था, लेकिन अब वे इससे पलट गए हैं।' 
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पारोमिता पेन ने कहा कि 'कमला हैरिस का रंग और उनकी नस्ल यकीनन मतदाताओं पर असर डालेगी। जब साल 2020 में उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए नामित किया गया था, उस वक्त भी उन पर खूब जुबानी हमले हुए थे। प्यू रिसर्च के सर्वे में साफ पता चला है कि अधिकतर मतदाताओं का मानना है कि कमला हैरिस का महिला होना और एशियाई मूल की अश्वेत होना उनके लिए फायदेमंद है।' पेन ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप, कमला हैरिस पर उनके भारतीय और अश्वेत होने पर सवाल भी उठा रहे हैं। वहीं ट्रंप के खिलाफ चल रहे कानूनी मामलों का मतदाताओं पर खास फर्क नहीं है।
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