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ड्रैगन की दादागिरी: अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने चीन पर साधा निशाना, कहा- तत्काल खाली करे दक्षिण सागर

Wed, 25 Aug 2021 02:29 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, सिंगापुर

सार

  • कमला हैरिस ने चीन पर लगाया धमकाने का आरोप, कहा- चीनी दावे ‘अवैध’, हम सहयोगियों के साथ
  • सिंगापुर में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने मानवाधिकारों व नियम आधारित व्यवस्था पर रखा दृष्टिकोण
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बीजिंग पर दक्षिण चीन सागर में गैरकानूनी दावों को लेकर जबरदस्ती करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया। दक्षिण पूर्व एशिया के दौरे पर निकलीं अमेरिकी हैरिस ने अपने पहले पड़ाव सिंगापुर में ही दक्षिण चीन सागर का मुद्दा उठाते हुए चीन को निशाने पर लिया और कहा, चीन यह क्षेत्र तत्काल खाली करे। उन्होंने कहा, अमेरिकी सुरक्षा के लिए दक्षिण सागर अहम है।

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भारतीय-अमेरिकी उपराष्ट्रपति की सिंगापुर और वियतनाम की सात दिनी यात्रा विश्व स्तर पर उनकी दूसरी कोशिश है जिसका मकसद चीन की बढ़ती सुरक्षा व आर्थिक चुनौतियों के लिए छोटे देशों के साथ खड़ा होना है। उन्होंने चीन पर दक्षिण सागर में जबरदस्ती करने और बाकी देशों को धमकी देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा कई सालों से क्षेत्र के कई देशों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है।

हैरिस ने कहा, अमेरिका अपने सहयोगियों पर खतरे की स्थिति में उनके साथ खड़ा रहेगा। सिंगापुर के भाषण में हैरिस ने मानवाधिकारों और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर अमेरिकी दृष्टिकोण रखा। उन्होंने एशियाई देशों से अमेरिकी धुरी को मजबूत करने की अपील भी की। उन्होंने कहा, चीन के गलत दावों को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण 2016 में ही खारिज कर चुका है, लेकिन वह इनके सहारे क्षेत्रीय देशों पर दबाव बना रहा है।
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आसपास के देशों की संप्रभुता के लिए खतरा
कमला हैरिस ने कहा कि दक्षिण चीन सागर में बीजिंग की कार्रवाई नियम आधारित फैसले की अवहेलना कर रही है। यह आसपास के देशों की संप्रभुता के लिए खतरा है। उन्होंने फिलीपींस की चीन पर ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए 2016 के अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के फैसले की याद भी दिलाई। बता दें कि फिलीपींस ने चीन पर दक्षिण सागर में क्षेत्रीय घुसपैठ का आरोप लगाया था, जिसके बाद विश्व न्यायाधिकरण ने हेग में उसके पक्ष में फैसला दिया। हैरिस ने कहा, चीन की क्षेत्र के द्वीपों को कब्जे में लेने की कोशिशें गैर-कानूनी हैं। इन क्षेत्रों पर ब्रुनेई, मलयेशिया, फिलीपींस और वियतनाम भी अपना दावा करते हैं।

चीन बौखलाया, कहा- दखल न दे अमेरिका
दक्षिण चीन सागर को लेकर कमला हैरिस के बीजिंग पर डराने-धमकाने के आरोप से चीन बौखला गया है। उसने पलटवार करते हुए कहा कि अफगानिस्तान में अमेरिकी दखल और बाद में अचानक सैन्य वापसी उसकी कानून आधारित व्यवस्था का सबसे बड़ा उदाहरण है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा, अमेरिका बिना कोई कीमत चुकाए दूसरे देशों को बेवजह बदनाम करता आया है। वेनबिन ने दोहराया कि अमेरिका को किसी भी दूसरे संप्रभु देश के मामलों में दखल नहीं देना चाहिए।

कृत्रिम द्वीपों पर चीन ने बनाई चौकियां
दक्षिण चीन सागर में मौजूद कृत्रिम द्वीपों पर चीन ने सैन्य चौकियां स्थापित की हैं जो इस क्षेत्र में जहाज मार्ग से आगे की तरफ जाती हैं। इस क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग के तहत खुला हुआ मानते हुए सभी देशों की आवाजाही स्वीकार की गई है। लेकिन चीन इस मार्ग पर अपना प्रभाव जमाना चाहता है। चीन ने यहां चौकियों के साथ अपने कई जंगी मालवाहक जहाज भी खड़े कर दिए हैं और द्वीपों पर निर्माण कार्य कर रहा है। इसे लेकर आसपास के छोटे देशों ने भी आपत्ति की है।

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