वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी
- फोटो : विकी कॉमन
अमेरिका में खुफिया समुदाय राष्ट्रपति जो बाइडन को इस बात की जानकारी देगा कि कोविड-19 की शुरुआत कैसे हुई थी। मई में राष्ट्रपति ने सहयोगियों को आदेश दिया था कि वे प्रतिद्वंद्वी चीन से फैले मामलों की जांच करने वाली खुफिया एजेंसियों के साथ विवादों को हल करने की दिशा में काम करें ताकि वायरस की उत्पत्ति की गुत्थी सुलझ सके।
वैश्विक वैज्ञानिकों की एक टीम का कहना है कि इस बात की अधिक आशंका है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान में पशुओं के एक बाजार में किसी संक्रमित जानवर के इनसानी संपर्क में आने से फैला हो। टीम ने कहा कि इस बात की आशंका कम ही है कि यह वायरस किसी प्रयोगशाला में दुर्घटना के कारण फैला। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी के मुताबिक राष्ट्रपति द्वारा आदेशित 90 दिनी खुफिया समीक्षा बुधवार (भारतीय समयानुसार) को होनी है।
इसके अवर्गीकृत भागों को जारी करने में कुछ दिन और लग सकते हैं। फिर भी तीन अमेरिकी सरकारी अधिकारियों और जांच के दायरे से परिचित चौथे शख्स ने कहा, मुझे उम्मीद नहीं कि समीक्षा के ठोस निष्कर्ष निकलेंगे, क्योंकि चीन ने अहम जानकारी इकट्ठा करने की वैश्विक कोशिशें रोक दी थीं। बता दें कि दिसंबर-19 में वुहान में सबसे पहले वायरस के मामले सामने आए थे।
महामारी उत्पत्ति पर चर्चा का राजनीतिकरण हो गया है
‘सेल’ नामक पत्रिका में प्रकाशित एक आलेख में दुनिया भर के 21 वैज्ञानिकों ने महामारी की शुरुआत के कारण को लेकर सबूत पेश किए। आलेख के एक लेखक और यूटा हेल्थ विश्वविद्यालय, अमेरिका में वैज्ञानिक स्टीफन गोल्डस्टीन ने कहा कि महामारी की उत्पत्ति पर चर्चा का राजनीतिकरण हो गया है और उन्हें लगा कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों पर नजर डालने का यह सही समय है।
उन्होंने कहा, भविष्य में महामारियों को रोकने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है ताकि उन रास्तों को बंद किया जा सके जिनसे ये वायरस मानव में प्रवेश करते हैं। गलत दिशा में ध्यान केंद्रित करने से प्रयास पूरे नहीं हो पाएंगे।