दरअसल, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर मीडिया से बात कर रहे थे। इसी दौरान पाकिस्तान में आम चुनाव से पहले हिंसा और इमरान के समर्थकों को शांतिपूर्ण ढंग से रैली की अनुमति न देने और पीटीआई संस्थापक की गिरफ्तारी को लेकर सवाल पूछा गया। पत्रकार ने कहा, ऐसा लगता है कि सिर्फ एक पार्टी को बोलने की आजादी नहीं है। इस पर मिलर ने टिप्पणी करने से इनकार किया। लेकिन कहा, हम लंबे समय से कहते रहे हैं कि हम पाकिस्तान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं।
रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद इमरान खान और उनकी पार्टी के सहयोगियों आम चुनावों से पहले कई मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है। उनकी पार्टी के क्रिकेट बैट के चुनाव चिह्न को छीन लिया गया है। इमरान खान और उनके वरिष्ठ सहयोगी शाह महमूद कुरैशी को कई मामलों में कारावास की सजा सुनाई गई और उनके नामांकन पत्र भी खारिज कर दिए गए हैं। एक दिन पहले इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को भी भ्रष्टाचार के मामले में सजा सुनाई गई।
पीटीआई की एक चुनावी रैली में बस विस्फोट का जिक्र करते पत्रकार ने मिलर से उनकी प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा, हम पाकिस्तान में पीटीआई की रैली पर हमले के पीड़ित लोगों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हैं। अमेरिकी पीटीआई की रैली पर हमले की कड़ी निंदा करता है, जिसमें दस लोग मारे गए थे। यह चुनावी प्रक्रिया को कमजोर करता है। पाकिस्तान के लोगों को देश की स्थिरता और समृद्धि के लिए बिना डर के अपना नेता चुनने का अधिकार है। पीड़ित लोगों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।