अमेरिका की अदालत ने, अपनी पत्नी और दो बच्चों को कार समेत पहाड़ी से गिराने के आरोप में भारतीय मूल के एक डॉक्टर को जेल भेजने से इनकार कर दिया है। अदालत ने आरोपी को फिलहाल उसके माता-पिता के पास रहने और देश से बाहर न जाने का आदेश दिया है। साथ ही आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त कर लिया गया है।
मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर अदालत ने दी राहत
दरअसल मनोवैज्ञानिकों ने अदालत को बताया कि कैलिफोर्निया में रेडियोलॉजिस्ट धर्मेश पटेल पिछले साल से ही मानसिक समस्या से जूझ रहे हैं और इसी के चलते उन्होंने अपने पत्नी और सात और चार साल की दो बच्चों को अपनी टेस्ला कार समेत पहाड़ी से नीचे गिरा दिया। डॉक्टरों के अनुसार, पटेल दुर्घटना से कुछ सप्ताह पहले सिजोफेक्टिव डिसऑर्डर और मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर से पीड़ित थे। उन्हें पैरों की पदचाप का लगातार आभास हो रहा था और उन्हें लगता था कि कोई उनका पीछा कर रहा है। मनोवैज्ञानिकों ने अदालत को बताया कि पटेल को उनके बच्चों के साथ यौन तस्करी होने का डर था और उसी डर के चलते और बच्चों और पत्नी को कथित तौर पर बचाने के लिए ही उन्होंने पत्नी समेत बच्चों की हत्या करने की कोशिश की।
पत्नी की मांग- पति के खिलाफ न चलाया जाए मुकदमा
भारतवंशी डॉक्टर धर्मेश पटेल ने एक चट्टान से अपनी टेस्ला कार को नीचे गिरा दिया था। हालांकि इस दुर्घटना में डॉक्टर का परिवार चमत्कारिक रूप से बच गया था। बचाए जाने के बाद डॉक्टर की पत्नी ने माना कि उसके पति ने जानबूझकर उन्हें पहाड़ी से गिराया, लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि वह नहीं चाहतीं कि उनके पति पर मुकदमा चलाया जाए। डॉक्टरों और वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मानसिक स्वास्थ्य के आधार पर आरोपी डॉक्टर को जेल की सजा के बजाय मानसिक उपचार की अनुमति दे दी। अमेरिका का कानून कहता है कि इस तरह के प्रावधान पर तभी विचार हो सकता है, जब मानसिक बीमारी ने अपराध में बड़ी भूमिका निभाई हो।
अदालत ने आरोपी डॉक्टर को कैलिफोर्निया में उनके माता-पिता के पास छोड़ने का आदेश दिया। उन पर GPS से नज़र रखी जाएगी और वे सप्ताह में एक बार अदालत में रिपोर्ट करेंगे। उन्हें अपने देश से बाहर यात्रा करने की भी अनुमति नहीं है और उन्हें अपना ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट जमा करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी।