पिछले साल मई में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के उन छात्रों के अमेरिकी विश्वविद्यालयों में दाखिला लेने पर रोक लगा थी, जिनके बारे में समझा जाता है कि उनके चीनी सेना से संबंध हैं। ऐसे छात्रों पर अमेरिका में पढ़ते हुए जासूसी करने का आरोप लगाया गया था। ट्रंप प्रशासन ने कहा था कि चीनी छात्र अमेरिकी टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा की व्यापक चोरी में लगे हुए हैं, ताकि चीन की सेना की क्षमता बढ़ाई जा सके।
टीवी चैनल सीएनएन ने अपनी एक ताजा रिपोर्ट में बताया है कि ट्रंप प्रशासन के उस फैसले के बाद से लगभग 1000 चीनी छात्रों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। चैनल ने यह भी कहा है कि इस बारे में उसने अमेरिका की मौजूदा सरकार से आधिकारिक आंकड़े हासिल करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने उसे कोई जवाब नहीं दिया। चीन का कहना है कि उसके छात्रों पर प्रतिबंध राजनीतिक कारणों से लगाए गए हैँ।