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अमेरिका: अफगान शरणार्थियों को गहन जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा, रिफ्यूजियों का पूरा इतिहास खंगालने की तैयारी

Tue, 07 Sep 2021 06:52 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, न्यूयॉर्क

सार

  • रिफ्यूजियों का पूरा इतिहास खंगालने के साथ ही हो रही है बायोमीट्रिक जांच
  • अफगान शरणार्थी को बाइडन प्रशासन 1200 डॉलर यानी लगभग 88,000 लाख रुपये की एकमुश्त मदद भी देगा
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जर्मनी के रैम स्टैन स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर अफगान शरणार्थियों के लिए लगाए गए टेंट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका जाने वाले 80 हजार से ज्यादा अफगान शरणार्थियों को गहन जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। बसाए जाने से पहले विभिन्न देशों में स्थित पेंटागन के 4 सैन्य अड्डों पर उनकी जांचें की जा रही हैं, ताकि कोई आतंकी देश में न घुस पाए। 30 दिनों तक गहन जांच होगी।

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अमेरिकी आंतरिक सुरक्षा विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि रिफ्यूजियों का पूरा इतिहास खंगालने के साथ ही बायोमीट्रिक जांच भी हो रही है। अमेरिका में बसाए जाने वाले हर अफगान शरणार्थी को बाइडन प्रशासन 1200 डॉलर यानी लगभग 88,000 लाख रुपये की एकमुश्त मदद भी देगा। 5 लोगों के परिवार को 6,000 डॉलर (लगभग 4.4 लाख रुपये) दिए जाएंगे। इस पैसे से अफगान परिवार घर, फर्नीचर व अन्य सामान का बंदोबस्त कर सकेंगे। 

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अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगा: लिंडसे ग्राहम

एक प्रभावशाली सीनेटर ने लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगा और यह निकट भविष्य में होना तय है। बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में रिपब्लिकन पार्टी के सांसद ग्राहम ने कहा, भले ही आपको ट्रंप पसंद हों या नहीं, लेकिन तालिबान सुधरा नहीं है। उसकी सोच दुनिया की आधुनिकता से मेल नहीं खाती। वे अपनी पुरानी सोच लोगों पर थोपेंगे। जो सबसे अहम बात यह है कि तालिबान अल कायदा को सुरक्षित जगह देंगे। आप एक देश तालिबान के भरोसे नहीं छोड़ सकते। एजेंसी

सेना को बुलाना बड़ी गलती थी
सीनेटर का कहना था कि सेना को बुलाना गलती थी, लेकिन यह भी सच है कि निकट भविष्य में अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान भेजा जाएगा। अमेरिका ने इराक और सीरिया से फौज हटाने के बाद वहां दोबारा फौजें भेजी थीं। आज भी इराक में 5000 अमेरिकी सैनिक क्यों हैं। उन्होंने कहा, मेरा सुझाव है अफगानिस्तान में पंजशीर रेसिस्टेंस की मदद की जाए।

पाकिस्तान ने कई दिन बाद सोमवार को अफगानिस्तान से लगी अपनी सीमाएं आवाजाही के लिए खोल दीं। इसके बाद सैकड़ों अफगान नागरिकाें ने सीमा पार की। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अराजकता के कारण  सुरक्षा संबंधी खतरे को कारण बताकर सीमाओं के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए थे। जिससे हजारों अफगान वहां फंस गए थे।
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