ब्रिटेन में भारतीय मूल के लेबर पार्टी के सांसद रहे कीथ वाज नए आरोपों में घिर गए हैं। लीसेस्टर से भारतीय मूल के सबसे लंबे समय तक (32 साल) सांसद रहे कीथ वाज पर आरोप लगा है कि उन्होंने हाउस ऑफ कॉमन्स में पूर्व कर्मचारी को प्रताड़ित किया था। यूके पैनल की जांच में ये तथ्य सामने आए हैं।
हालांकि वाज ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही है। वाज के खिलाफ इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट पैनल (आईईपी) ने जांच की थी।
अपनी रिपोर्ट में आईईपी ने कहा कि संसद की गृह मामलों की समिति के अध्यक्ष के रूप में उनके समय से पहले का आचरण स्पष्ट और औपचारिक फटकार का हकदार है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायतकर्ता के प्रति प्रतिवादी (वाज) का आचरण शत्रुतापूर्ण, हानिकारक और संसद सदस्य के योग्य नहीं था। उन्हें अपने बर्ताव पर शर्म आनी चाहिए।
इसमें कहा गया है कि अगर पूर्व सदस्य के रूप में प्रतिवादी के पास हाउस ऑफ कॉमन्स का पास होता, तो हम यह निर्धारित कर लेते कि उस पास को हटाना उचित है।
हम यह निर्धारित करते हैं कि पूर्व सदस्य का पास रखने की पात्रता को कभी भी बहाल नहीं किया जाना चाहिए।
एक पूर्व सांसद के रूप में, वाज़ एक संसदीय पास के हकदार हैं, लेकिन पैनल ने सिफारिश की है कि उन्हें यह प्रदान नहीं किया जाना चाहिए।
बता दें कि यह शिकायत जुलाई 2007 और अक्टूबर 2008 के बीच हाउस ऑफ कॉमन्स के पूर्व क्लर्क जेनी मैक्कुलो के प्रति उनके आचरण से संबंधित है।