इसी हफ्ते व्हाइट हाउस के एक अधिकारी और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की स्पीकर नैंसी पेलोसी के दफ्तर के एक कर्मचारी के संक्रमित होने की खबर आई। उसके बाद राजधानी में हड़कंप मच गया। सांसदों के इलाज करने वाले डॉक्टरों के कार्यालय ने मंगलवार को पुष्टि की कि कैपिटॉल हिल (संसद भवन) के कई ऐसे कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जो वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके हैं। इस कार्यालय से जुड़े डॉक्टर पी मोहनदास के मुताबिक डेल्टा वैरिएंट वाशिंगटन डीसी और कैपिटल बिल्डिंग में डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति पाए गए हैं।
देश में डेल्टा वैरिएंट से फैले भय का आलम यह है कि अमेरिकी शेयर मार्केट में 700 अंकों की गिरावट सोमवार को दर्ज की गई। सबसे ज्यादा गिरावट यात्रा, अवकाश सेवा और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के भाव में दर्ज हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक इसकी वजह ये भरोसा टूटना है कि जल्द ही अमेरिका में आम जिंदगी शुरू हो जाएगी और लोग छुट्टियां मनाने पर्यटन स्थलों पर जाने लगेंगे।
इस बीच राहत की बात यह है कि वैक्सीन के दोनों डोज ले चुके जो लोग संक्रमित हो रहे हैं, उनमें हल्के लक्षण ही देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका में अब तक 66 फीसदी आबादी को कम से कम एक टीका लग चुका है। 57 फीसदी लोगों को टीका के दोनों डोज लग चुके हैं। लेकिन विशेषज्ञ यह पूरे भरोसे के साथ कहने से बच रहे हैं कि आखिरकार डेल्टा वैरिएंट से बचाव में टीका कितना प्रभावी होगा।
वेबसाइट एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक उससे बातचीत में कई लोगों ने कहा कि उनमें कोरोना संक्रमण जैसे हल्के लक्षण दिखे हैं, लेकिन उन्होंने जांच नहीं कराई है। इसकी वजह उन्होंने यह बताई कि उन्हें भरोसा है कि वैक्सीन के कारण उनकी स्थिति गंभीर नहीं होगी। जबकि विशेषज्ञों ने ऐसी लापरवाही न बरतने की सलाह दी है।
द यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के पूर्व कार्यकारी निदेशक डॉ. रिचर्ड बेसर ने सीएनएन से कहा कि उनकी राय में जिन लोगों ने टीका नहीं लिया है, वे डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित होंगे। इसकी वजह यह है कि ये वैरिएंट बेहद संक्रामक है, जबकि अमेरिका में लोगों ने मिलना-जुलना शुरू कर दिया है। इससे वे लोग भी प्रभावित हो सकते हैं, जिन्होंने टीका लगवा लिया है।