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तालिबान पर हफ्ते में चौथा हमला: धमाके में पांच की मौत, बरादर-हक्कानी गुट में विवाद या आईएस-के ने बनाया निशाना?

Wed, 22 Sep 2021 05:56 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल

सार

चश्मदीदों ने बताया कि प्रांतीय राजधानी जलालाबाद में एक गैस स्टेशन पर खड़े तालिबान के वाहन पर बंदूकधारियों ने गोलियां चलाईं, जिससे तालिबान के दो लड़ाकों समेत पांच की मौत हो गई।
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अफगानिस्तान में तालिबान को निशाना बनाकर यह पांच दिन में चौथा बड़ा हमला है। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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अफगानिस्तान में बुधवार को तालिबानी लड़ाकों की गाड़ियों पर किए गए हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है। बताया गया है कि मरने वालों में दो लड़ाके और तीन आम नागरिकों शामिल हैं। पिछले महीने अफगानिस्तान पर तालिबान के काबिज होने के बाद उसके लड़ाकों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते में यह तीसरी बार है जब तालिबानी वाहनों पर कोई हमला हुआ है। 
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चश्मदीदों ने बताया कि प्रांतीय राजधानी जलालाबाद में एक गैस स्टेशन पर खड़े तालिबान के वाहन पर बंदूकधारियों ने गोलियां चलाईं, जिससे दो लड़ाकों और गैस स्टेशन के कर्मी की मौत हो गई। इस हमले में एक बच्चे की भी जान चली गई। एक और हमले में तालिबान के वाहन को बम से निशाना बनाया गया। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई और दो तालिबान लड़ाके घायल हुए। जलालाबाद में ही तालिबान के वाहन पर एक और बम हमला किया गया, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह व्यक्ति तालिबान का पदाधिकारी है या नहीं।

अभी तक किसी ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, पिछले हफ्ते ऐसे ही कुछ हमलों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट-खोरासान (आईएस-के) ने ली थी। तालिबान और इस्लामिक स्टेट एक दूसरे के कट्टर विरोधी हैं और अमेरिका के जाने के बाद आईएस और अलकायदा जैसे संगठनों का अफगानिस्तान में पैर फैलाना तय माना जा रहा है था।

तालिबान पर पांच दिन में चार बड़े हमले

गौरतलब है कि तालिबान पर पहला बड़ा हमला जलालाबाद शहर में हुआ था, जब तीन अलग-अलग बम धमाकों में उसके वाहन तबाह हो गए थे। इसके अलावा रविवार को भी तालिबान के लड़ाकों को निशाना बनाकर हमला किया गया था। आईएस-के का दावा है कि उसने इन हमलों में 35 से ज्यादा तालिबानी लड़ाकों की जान ले ली। हालांकि, तालिबान की तरफ से इस पर कोई बयान नहीं आया है। 

पूर्वी अफगानिस्तान में सोमवार को भी बम धमाकों की खबर आई थी, लेकिन किसी ने इनकी जिम्मेदारी नहीं ली। इस बीच बुधवार को तालिबान लड़ाकों पर हुआ हमला पिछले पांच दिनों में चौथी ऐसी घटना है। 
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बरादर-हक्कानी गुट के विवाद का तो नतीजा नहीं ये हमले?

अभी यह तय नहीं हो पाया है कि पिछले दो हमले किस तरफ से किए गए, लेकिन इसका शक तालिबान के दो धड़ों में चल रही लड़ाई पर भी जा रहा है। दरअसल, एक हालिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के समर्थकों ने अफगान सरकार में हक्कानी नेटवर्क के बढ़ते दबदबे का विरोध किया और इसी को लेकर तालिबान दो धड़ों में बंट गया। अंदाजा लगाया जा रहा है कि यही दो गुट अफगानिस्तान में इस वक्त एक-दूसरे पर गुपचुप तरीके से हमले कर रहे हैं। 
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