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सितारों की दुनिया: समकोण ग्रहों वाले सौरमंडल ने किया खगोलविदों को हैरान, पृथ्वी से 150 प्रकाश वर्ष दूर अनूठी खोज

Mon, 08 Nov 2021 06:10 AM IST
देव कश्यप न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।

सार

हमारे सौरमंडल में सभी ग्रह सूरज के मध्य क्षेत्र पर परिक्रमा करते हैं। लेकिन यह दो ग्रह अपने तारे के ध्रुवों की परिक्रमा करते मिले। यह हमारी तरह तारे की भूमध्य रेखा के बजाय ध्रुवों की दिशाओं में घूम रहे थे।
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सौरमंडल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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आमतौर पर अंतरिक्ष मे दूसरे सौरमंडल कई आकार और रूप में नजर आते हैं। कुछ में बहुत सारे ग्रह हैं तो कुछ में बहुत बड़े ग्रह और कुछ में तो ग्रह नहीं भी होते। लेकिन धरती से 150 प्रकाश वर्ष दूर मिले एक सौरमंडल ने खगोल विज्ञानियों को अपना सर खुजाने पर मजबूर कर दिया है।

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साल 2016 में तारे एचडी3167 का चक्कर लगाते दो ग्रहों की खोज हुई थी। अनुमान था कि यह ग्रह पृथ्वी से बड़े हैं और तारे का चक्कर करीब 31 दिन में लगाते हैं। 2017 में इसी मंडल के तीसरे ग्रह की खोज हुई जो 8 दिन में परिक्रमा करता है। मंडल के दो बाहरी ग्रहों एचडी 3167 सी और डी के बारे में विलक्षण जानकारी मिली कि इनका झुकाव अस्वाभाविक है।

हमारे सौरमंडल में सभी ग्रह सूरज के मध्य क्षेत्र पर परिक्रमा करते हैं। लेकिन यह दो ग्रह अपने तारे के ध्रुवों की परिक्रमा करते मिले। यह हमारी तरह तारे की भूमध्य रेखा के बजाय ध्रुवों की दिशाओं में घूम रहे थे। इस मंडल का तीसरा ग्रह एचडी3167बी तो और भी अनूठा निकला। इस अंदरूनी ग्रह का परिक्रमा पथ बाकी दो ग्रहों से नहीं मिलता। यह बाकी दोनों ग्रहों के परपेंडिकुलर या कहें लंबवत परिक्रमा कर रहा है।
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सौरमंडलों का एकदम नया विचार

  • यह खोज करने वाले जेनेवा विश्वविद्यालय स्विट्जरलैंड के अध्ययनकर्ता विंसेट बोरियर ने जर्नल एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स में बताया, यह अब तक ज्ञात सौरमंडलों से बिल्कुल अलग विचार है।
  • यह सभी ग्रह मानव जीवन के अनुकूल नहीं हैं। इस खोज को चिली में स्थित बेहद विशाल दूरबीन एस्प्रेसो की मदद से अंजाम दिया गया।


वजह अज्ञात, केवल अनुमान
इन ग्रहों के अजीब व्यवहार के पीछे एक विशाल आकाशीय पिंड को माना जा रहा है, जो अब तक हमारी पहुंच से दूर है। एक्स्टर विश्वविद्यालय इंग्लैंड की अध्य्यनकर्ता डॉ. श्वेता दलाल बताती हैं कि कुछ साक्ष्य सामने आए हैं कि हमारे बृहस्पति ग्रह जैसा कोई और ग्रह भी यहां हो सकता है। इसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव ध्रुवीय परिक्रमा करने वाले ग्रहों पर हो सकता है। तीसरा ग्रह चूंकि तारे के गुरुत्वाकर्षण में बेहद मजबूती से जुड़ा है, इसलिए उसकी परिक्रमा सामान्य है।

हम इसलिए सुरक्षित
हमारे सौरमंडल में बृहस्पति मौजूद है, लेकिन ग्रहों के परिक्रमा पथ एक दूसरे से दूर हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार इसी वजह से हम बृहस्पति के असर से बचे हुए हैं।

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी जारी करेगी हजारों ग्रहों का डाटा

  • आने वाले समय में इस प्रकार के ग्रहों और अन्य सौरमंडलों के बारे में कई जानकारियां सामने आ सकती हैं। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की गाया दूरबीन सैकड़ों करोड़ तारों की मैपिंग करने के बाद इनका डाटा जारी करने जा रही है।
  • उम्मीद है कि इनसे भी एस्प्रेसो दूरबीन जैसी ही कई खोज हो सकती हैं। यह दूरबीन धरती से करीब 15 लाख किमी दूर अंतरिक्ष में अध्ययन के काम आ रही है।
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