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श्रीलंका में बद से बदतर हुए हालात: आपातकाल के बाद अब सोशल मीडिया पर लगी पूर्ण पाबंदी, सड़क पर उतरे लोग

Sun, 03 Apr 2022 07:27 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो

सार

पड़ोसी देश श्रीलंका भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है। खाने की चीजें इतनी महंगी हो गईं कि लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। आलम ये है कि पेट्रोल से भी महंगा दूध बिक रहा है। देश में भड़कते जन आक्रोश से निपटने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे ने एक अप्रैल से देश में आपातकाल लागू कर दिया है।
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Srilanka Crisis - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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श्रीलंका में आपातकाल लगाए जाने के बाद अब मौलिक अधिकारों का हनन शुरू हो गया है। जानकारी के अनुसार आर्थिक संकट को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाने की खबरें सामने आने के बाद श्रीलंका की राजपक्षे सरकार ने सभी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पूर्ण पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा राजपक्षे सरकार ने शनिवार को आदेश दिया कि खराब आर्थिक संकट को लेकर सरकार विरोधी रैली से पहले सरकार द्वारा लगाए गए 36 घंटे के कर्फ्यू के दौरान किसी को भी बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जाने दिया जाए।

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इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर लगी पाबंदी
सरकार ने फेसबुक, फेसबुक मैसेंजर, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब, स्नैपचैट, ट्विटर पेरिस्कोप, गूगल वीडियो, टिकटॉक, वाइबर, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर पाबंदी लगा दी है क्योंकि सरकार को डर है कि प्रदर्शनकारी इनका इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनों के समन्वय और जानकारी साझा करने के लिए करेंगे। इस ब्लॉक की वजह से यूजर्स वीपीएन के जरिए इन प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस करने को मजबूर हैं। गौरतलब है कि श्रीलंका में अशांति के दौरान राष्ट्रव्यापी सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाने का इतिहास रहा है।

15 घंटे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बहाल
श्रीलंका सरकार ने व्हाट्सऐप, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों पर लगाया गया प्रतिबंध रविवार को हटा दिया। देश में बदतर आर्थिक संकट को लेकर सरकार विरोधी प्रदर्शन से पहले देशव्यापी सार्वजनिक आपातकाल घोषित करने और 36 घंटे के कर्फ्यू के साथ ही सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। प्रतिबंध हटाए जाने के बारे में एक अधिकारी ने कहा कि फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, टोकटोक, स्नैपचैट, व्हाट्सऐप, वाइबर, टेलीग्राम और फेसबुक मैसेंजर की सेवाएं 15 घंटे के बाद बहाल कर दी गईं।
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मैं सोशल मीडिया को ब्लॉक करने का समर्थन नहीं करता: नमल राजपक्षे
श्रीलंका के युवा और खेल मंत्री नमल राजपक्षे ने कहा कि मैं सोशल मीडिया को ब्लॉक करने का समर्थन नहीं करता हूं। वीपीएन की उपलब्धता के कारण ऐसे प्रतिबंधों का कोई महत्व नहीं रह जाता है। मैं अधिकारियों से और अधिक प्रगतिशीलता से सोचने और इस निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह करता हूं।

श्रीलंका में एक अप्रैल से लगा आपातकाल
देश में मौजूदा स्थिति, सार्वजनिक सुरक्षा व कानून-व्यवस्था के मद्देनजर और समुदाय के जीवन के लिए आवश्यक आपूर्ति और सेवाओं के रखरखाव को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति ने आपातकाल लगा दिया। राष्ट्रपति ने एक गजट जारी कर आपातकाल लागू किया है।


श्रीलंका में हालात बद से बदतर
गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में, देश के अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट की वजह से सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों को ईंधन और रसोई गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के अलावा घंटों बिजली गुल होने का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही राजपक्षे के इस्तीफे की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

श्रीलंका में विदेशी मुद्रा की कमी के कारण ईंधन और रसोई गैस जैसे आवश्यक सामानों की कमी हो गई है। बिजली कटौती एक दिन में 13 घंटे तक की जा रही है। श्रीलंका वर्तमान में इतिहास के सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। अस्पतालों में दवाएं खत्म होने से डॉक्टर्स ने मरीजों का ऑपरेशन रोक दिया है। पेट्रोल पंप पर फ्यूल के लिए दो-दो किलोमीटर लंबी लाइनें लग रही हैं। खाने की चीजें इतनी महंगी हो गईं कि लोग भूखे सोने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि पेट्रोल से भी महंगा दूध बिक रहा है।

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