पाकिस्तान में विपक्ष के नेता और पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने ईवीएम मशीनों को लेकर प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार पर हमला बोला। शरीफ ने इवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) को दोषपूर्ण और भ्रष्ट करार देते हुए कहा कि इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार अगले आम चुनाव में गड़बड़ करने के लिए यह व्यवस्था लेकर आई है।
संसद के एक संयुक्त सत्र को संबोधित करने हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि सरकार और इसके सहयोगी चुनावी सुधारों के लिए जरूरी विधेयकों को खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह अवैध है और संसद की पंरपराओं के खिलाफ है। शरीफ ने कहा कि चुनाव के दौरान गड़बड़ी के आरोप तो हमेशा लगते रहते हैं लेकिन यह पहली बार है जब चुनाव से पहले ऐसे आरोप लग रहे हैं।
'जनता से और वोट नहीं मांग सकती सरकार इसलिए ला रही है ईवीएम'
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के छोटे भाई और पंजाब प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि यह सरकार ईवीएम की व्यवस्था केवल इसलिए लाना चाहती है क्योंकि अब वह जनता से वोट नहीं मांग सकती है। उन्होंने ईवीएम को 'ईविल एंड विशियस मशीन' करार दिया। पाकिस्तान में अगले आम चुनाव साल 2023 में होने हैं।
उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान ने अपने इतिहास में इस तरह की फासीवादी सरकार कभी नहीं देखी थी। ऐसे चोर लोगों से पारदर्शी चुनाव आयोजित करवाने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?' इसके साथ ही शहबाज शरीफ ने संसद के स्पीकर असद कैसर से संयुक्त सत्र को स्थगित करने के लिए भी मांग की ताकि चुनाव सुधार से संबंधित मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जा सके।
शहबाज शरीफ ने स्पीकर असद कैसर से कहा, अगर आप इस काले कानून को पारित करने की अनुमति देंगे तो पाकिस्तान को बड़े संकट का सामना करना पड़ेगा और इसके लिए आप जिम्मेदार होंगे।
कुरैशी बोले, ला नहीं रहे, पिछली सरकारों के काले कानून खत्म कर रहे हैं
शहबाज शरीफ के जवाब में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि सरकार कोई काला कानून नहीं लाना चाहती है। हम केवल पिछली सरकारों की ओर से लाए गए काले कानूनों को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवाल ये है कि हम इतिहास से कब सीख लेंगे और रास्ता सही करेंगे। कुरैशी ने कहा कि यह एक उचित व्यवस्था लाने का एकदम सही समय है।